उत्तराखंड शहीद चित्रेश बिष्ट के पिता को सलाम, अब देश के लिए तैयार करेंगे अफसर

शहीद मेजर चित्रेश के पिता देश के लिए फौजी अफसर तैयार करेंगे। बेटे की शहादत की याद में उन्होंने आवासीय सैनिक स्कूल खोलने का फैसला किया है।

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जरा सोचिए उस पिता पर क्या गुजरी होगी, जो बेटे के घर लौटने का इंतजार कर रहा था....अभी बेटे के सिर पर सेहरा बंधना था, शादी का जश्न मनाया जाना था, लेकिन बेटे ने माता-पिता से किए वादे की बजाय देश से किया वादा निभाया...वादा देश की रक्षा का, उसके सम्मान की रक्षा का। शहीद मेजर चित्रांश अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन जवान बेटे की शहादत ने उनके पिता रिटायर्ड अफसर एसएस बिष्ट को और ज्यादा मजबूत बना दिया है। दैनिक जागरण में छपी खबर के मुताबिक उन्होंने बेटे की शहादत की याद में आवासीय सैनिक स्कूल खोलने का फैसला किया है। इस स्कूल में उन गरीब और जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त कोचिंग दी जाएगी, जो सेना में अफसर बनने का ख्वाब देखते हैं। अब आर्थिक मजबूरियां ऐसे बच्चों के सपनों को तोड़ नहीं पाएंगी। शहीद मेजर चित्रेश के पिता एसएस बिष्ट ने अपनी इस योजना के बारे में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी बात की है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इसकी कार्ययोजना बनाई जाएगी।

बेटे की शहादत से पिता एसएस बिष्ट गमगीन हैं, लेकिन टूटे नहीं हैं। आज भी वो समाज के लिए कुछ बेहतर करना चाहते हैं। शहीद बेटे की याद में वो आवासीय सैनिक स्कूल खोलेंगे, ताकि देश के लिए जांबाज सैन्य अफसर तैयार किए जा सकें। इसके लिए उन्होंने हल्द्वानी, रानीखेत या फिर दून में जहां जमीन उपलब्ध होगी वहां स्कूल खोलने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से चर्चा कर सहयोग की अपेक्षा की है। आपको बता दें कि दून के रहने वाले मेजर चित्रेश बिष्ट 16 फरवरी को राजौरी में बारूदी सुरंग को नाकाम करने की कोशिश कर रहे थे, इसी दौरान विस्फोट हो गया, जिसमें मेजर चित्रेश शहीद हो गए। उनके पिता एसएस बिष्ट ने कहा कि उन्हें बेटे की शहादत पर गम के साथ गर्व भी है। आइईडी डिफ्यूज कर मेजर चित्रेश ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनकी शहादत को कभी नहीं भुलाया जा सकता।


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