जिसने घर में घुसकर आतंकी कैंपों को तबाह कर डाला, जानिए 'एयर स्ट्राइकर' मिराज जेट्स की खास बातें

इंडियन एयर फोर्स के 12 मिराज जेट्स ने पाकिस्तान की सरजमीं पर घुसकर आतंकी कैंपों को तबाह कर डाला।

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भारतीय वायुसेना पुलवामा हमले का बदला लेते हुए जैश के ठिकानों पर बमबारी कर उन्हें तबाह कर दिया। ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए एयरफोर्स की तरफ से मिराज-2000 विमानों को चुना गया। 12 मिराज जेट्स ने पाक अधिकृत कश्मीर में घुस कर आतंकियों के अड्डों पर बम बरसाए। बमबारी में कई आतंकी कैंप तबाह हो गए हैं, तीन सौ से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की भी खबर है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के जेट्स ने मिराज जेट्स का पीछा किया था, लेकिन मिराज का आकार देख वो इतने डर गए कि उन्हें वापस लौटने का फैसला करना पड़ा। आईए आपको बताते हैं कि आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में इस्तेमाल मिराज जेट्स की खासियत क्या है। मिराज-2000 फोर्थ जनरेशन का सिंगल इंजन, मल्टीरोल फाइटर जेट है। इसे फ्रांस की कंपनी डसाल्ट एविएशन ने बनाया है। ये वही कंपनी है, जिसने राफेल को बनाया है। ये फाइटर प्लेन इस वक्त लगभग 9 देशों में इस्तेमाल हो रहे हैं। इसने साल 1970 में पहली बार उड़ान भरी थी। साल 2009 तक लगभग 600 से अधिक मिराज-2000 दुनिया भर में सेवारत हैं। इसमें समय-समय पर अपडेशन का काम भी किया जाता रहा है।

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मिराज 2000 खरीदने का फैसला भारत ने उस वक्त किया जब पाकिस्तान को अमेरिका की तरफ से उस समय के सबसे बेहतरीन विमान एफ-16 दिए गए थे। पाकिस्तान को एफ-16 मिलने के बाद भारत ने फ्रांस से मिराज 2000 की खरीद के संबंध में बातचीत शुरू कर दी थी। अक्टूबर 1982 में भारत ने 36 सिंगल-सीट मिराज-2000Hs और 4 ट्विन-सीट मिराज-2000THs के लिए डसॉल्ट को ऑर्डर दिया। 29 जून 1985 को नंबर 7 स्क्वाड्रन के पहले सात विमानों की डिलीवरी के साथ भारतीय वायु सेना इस प्रकार का पहला विदेशी सेना बनी जिसके पास मिराज 2000 विमान थे। शुरूआत में इस विमान में स्नेक्मा एम 53-5 इंजन थे जिसे बाद में एम 53 पी-2 इंजन से बदल दिया गया। मिराज 2000 को 1986 में औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया।

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इंडियन एयर फोर्स की तरफ से संचालित लगभग 51 मिराज 2000 विमानों के एक बेड़े को उन्नत करने के लिए फ्रांस से 1.9 बिलियन डालर का समझौता किया गया है। जून 2011 में यह घोषणा की गई कि सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (CCS) ने भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 के उन्नयन पर विचार करेगी। जिसके बाद यह समझौता किया गया था। मिराज 2000 में उन्नत एवियोनिक्स, आरडीवाई रडार और नए सेंसर और कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल हुआ है...जो कि इसे कई निशानों को एक साथ साधने, हवा से जमीन और हवा से हवा में भी मार करने में माहिर बनाता है। इसकी एक खासियत ये भी है कि यह पारंपरिक और लेजर गाइडेड बम को भी गिराने में सक्षम है।


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