अमिट रहेंगी उत्तराखंड शहीदों की यादें.. देहरादून में होगा बेमिसाल काम

जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए मेजर चित्रेश बिष्ट, मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल और शहीद मोहनलाल रतूड़ी के नाम से शहीद द्वार बनाया जाएगा। शहीद द्वार के जरिए शहीदों की स्मृतियों को संजोये जाने की कवायद जारी है।

Martyrs memories will stay forever in dehradun Uttarakhand - मेजर चित्रेश बिष्ट, मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल, शहीद मोहनलाल रतूड़ी, शहीद विभूति शंकर ढौंडियाल, Martyr Major Chitresh Bisht, Martyr Major Vibhuti Shankar Dhaundhiyal, Martyr Mohanlal Raturi, शहीद द्वार, uttarakhand, uttarakhand news, latest news from uttarakhand

जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों में शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट, मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल और शहीद मोहनलाल रतूड़ी की शहादत से पूरा उत्तराखंड शोक में डूबा है। इन शहीदों ने देश की सेवा के लिए जो बलिदान दिया है, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। दून में नगर निगम शहीदों की स्मृति में शहीद द्वार बनाएगा। मेयर सुनील उनियाल गामा की पहल पर ये फैसला लिया गया है। इसके साथ ही तीनों शहीदों के क्षेत्रों की सड़कों और चौराहों का नाम भी उनके नाम पर रखा जाएगा। ये प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में पास कर दिया जाएगा। मेयर ने पार्षदों को संबंधित प्रस्ताव 25 फरवरी से पहले नगर निगम को देने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि आगामी 28 फरवरी को देहरादून नगर निगम की दूसरी बोर्ड बैठक होगी। बैठक में तीनों शहीदों के नाम पर उनके क्षेत्र के मुख्य चौराहे का नाम रखे जाने पर फैसला होगा।

यह भी पढें - CM त्रिवेंद्र ने सैन्य बलों के लिए किया नेक काम...आप भी मदद करें
पार्षद शहीदों से जुड़े अन्य विषयों के प्रस्ताव 25 फरवरी से पहले दे सकते हैं। तीनों शहीदों के नाम पर बनने वाले शहीद द्वार पर उनकी मूर्ति लगाए जाने का भी प्रस्ताव दिया गया है। बोर्ड बैठक में नेशविला रोड से डोभाल चौक तक जाने वाले चौराहे को शहीद विभूति शंकर ढौंडियाल का नाम दिया जा सकता है। पार्षद अमिता सिंह ने नेहरू कॉलोनी का नाम शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट के नाम पर रखे जाने का प्रस्ताव दिया है। अजबपुर सरस्वती विहार वार्ड के पार्षद विमल उनियाल ने धर्मपुर चौक का नाम चित्रेश बिष्ट के नाम पर रखने का सुझाव मेयर को दिया है। क्षेत्रीय पार्षदों की तरफ से मेयर को प्रस्ताव दिए गए हैं, जिन पर फैसला लिया जाना बाकी है। नगर निगम की बोर्ड बैठक में चर्चा के बाद ही ये फैसला लिया जाएगी कि किस रोड और चौराहे का नाम शहीद के नाम पर रखा जाना है। आपको बता दें कि शहर की सड़कों और चौराहों का नाम शहीदों और महान हस्तियों के नाम पर रखने का अधिकार नगर निगम के पास होता है। इसके लिए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाना होता है।


Uttarakhand News: Martyrs memories will stay forever in dehradun Uttarakhand

Content Disclaimer (Show/Hide)
लेख शेयर करें