बदला: पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड का खात्मा, भारतीय सेना ने मार गिराया!

पुलवामा के पिंगलिना में सेना ने जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर कामरान को मुठभेड़ में मार गिराया। पुलवामा हमले के पीछे कमांडर कामरान का दिमाग था।

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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले के मास्टरमाइंड गाजी उर्फ कामरान को सेना ने मार गिराया। सेना के काफिले पर हमले के पीछे इसी दहशतगर्द का दिमाग था। गाजी उर्फ कामरान ने ही 14 फरवरी को हुए आत्मघाती हमले की पूरी प्लानिंग की थी। इस हमले में भारत ने अपने 40 से ज्यादा जवानों को खो दिया। कामरान ने पाक में बैठे अपने आका मसूद अजहर के इशारे पर हमले की योजना को अंजाम दिया था। सेना हमले का बदला लेने के लिए आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर कामरान की तलाश कर रही थी। 40 जवानों की शहादत के पांचवे दिन सेना ने हमले के मास्टरमाइंड अब्दुल रशीद गाजी उर्फ कामरान को पिंगलिना में ढेर कर दिया, हालांकि इस मुठभेड़ में सेना के मेजर और चार जवानों को अपनी शहादत देनी पड़ी है।

मुठभेड़ अब भी जारी है, माना जा रहा है कि कुछ आतंकी अब भी वहां छिपे हो सकते हैं। अब्दुल रशीद गाजी उर्फ कामरान जैश-ए-मोहम्मद का टॉप कमांडर और IED के जरिए धमाके करने का एक्सपर्ट था। पुलवामा हमले की साजिश कामरान ने ही रची थी, वो मसूद अजहर का बेहद करीबी था। आत्मघाती आदिल डार को कामरान ने ही हमले के लिए ट्रेनिंग दी थी। कामरान को युद्ध तकनीक और IED बनाने की ट्रेनिंग तालिबान से मिली थी। लंबे वक्त से उसे पीओके में ISI और जैश द्वारा संचालित कैंपों में देखा जा रहा था। कश्मीर में घुसने के बाद से ही कामरान दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, अवंतीपोरा और त्राल इलाके में सक्रिय था। कामरान और उसके साथी आतंकी 9 फरवरी को संसद हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु की बरसी पर हमले की प्लानिंग कर रहे थे, लेकिन प्लानिंग में गड़बड़ी हो गई।

जिसके बाद आतंकियों ने 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हमला कर दिया। गुरुवार को विस्फोटकों से लदी एसयूवी को सीआरपीएफ के काफिले में ले जाकर डार ने धमाका कर दिया था, जिसमें 40 सीआरपीएफ जवानों की जान चली गई।


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