उत्तराखंड में जगह जगह कश्मीरी छात्रों का वेरिफिकेशन, देहरादून में पल रहे हैं ‘स्लीपर सेल’?

देहरादून में मकान मालिकों ने कश्मीरी छात्रों से मकान खाली करवा दिए। राज्य में जगह-जगह कश्मीरी छात्रों का सत्यापन कराया जा रहा है।

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दो साल पहले की ही बात है। देहरादून में दानिश खान और शोएब अहमद लोन के नाम आतंकियों के रूप में आए थे। ये दोनों कश्मीर से देहरादून पढ़ाई के लिए आए और कुछ वक्त यहां रहने के बाद आतंकी संगठन के सदस्य बन गए। बीते दिनों जम्मू-कश्मीर में हुई आतंकी मुठभेड़ में मारा गया शोएब मोहम्मद लोन हिजबुल मुजाहिद्दीन ज्वाइन करने से पहले देहरादून आया था। सवाल ये है कि क्या सच में देहरादून के कुछ कॉलेजों में स्लीपर सेल पल रहे हैं ? सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो आतंकी संगठन देश के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह अपने स्लीपर सेल बनाते हैं, जो उनके लिए खुफिया जानकारी एकत्रित करते हैं।पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 40 जवानों की शहादत को लेकर देशभर में गुस्सा है, तो वहीं देहरादून में हमले के समर्थन में कश्मीरी छात्रों की पोस्ट के बाद विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी है। लोग उन कॉलेजों के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिनमें कश्मीरी छात्र पढ़ते हैं।

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सोशल मीडिया पर सेना के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी से गुस्साए मकान मालिकों ने कश्मीरी छात्रों से मकान खाली करवा दिए हैं। सुद्धोवाला इलाके में पुलिस का पहरा लगा है। हिंदूवादी संगठनों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्रेमनगर क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक शिक्षण संस्थानों के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने सभी कश्मीरी छात्रों को बाहर निकालने की मांग की। पहले सुभारती इंस्टीट्यूट के बाहर नारेबाजी हुई, इसके बाद बाबा फरीद कॉलेज के बाहर नारेबाजी हुई। प्रदर्शनकारियों ने देव भूमि इंस्टीट्यूट के बाहर भी प्रदर्शन किया। जिन संस्थानों में कश्मीरी छात्र पढ़ रहे हैं, उनकी भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रेमनगर के करीब आधा दर्जन शिक्षण संस्थानों के बाहर पुलिस फोर्स तैनात की गई है। एहतियातन वहां दो दारोगाओं और 12-12 सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। ताकि, किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।आतंकी हमले के विरोध में नई टिहरी, देहरादून समेत कई इलाकों में बाजार बंद रहे।

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कई जगह पेट्रोल पंप भी बंद रहने की खबर है। बता दें कि पुलवामा हमले के बाद देहरादून के दो छात्रों ने सोशल मीडिया पर सेना को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा। प्रदर्शनकारियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल थे। उन्होंने अपने अपने इलाकों में जाकर कश्मीरी छात्रों के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही उन्होंने एक साथ इस बात को दोहराया कि वो किसी भी कश्मीरी छात्र को किराए पर कमरा नहीं देंगे। स्थानीय लोगों ने उन हॉस्टलों के बाहर भी प्रदर्शन किया, जहां पर कश्मीरी छात्र रहते हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने प्रदेशभर में अलर्ट जारी कर दिया है। पुलिस महानिदेशक ने लोगों से कानून हाथ में ना लेने की अपील की है। उन्होंने लोगों से देशद्रोही गतिविधियों में लिप्त लोगों की सूचना पुलिस को देने की भी बात कही। एलआईयू भी कश्मीरी छात्रों का ब्यौरा जुटा रही है। देहरादून के साथ ही हल्द्वानी के कॉलेजों में पढ़ने वाले जम्मू-कश्मीर के छात्रों का पुलिस वैरिफिकेशन किया गया। दस्तावेजों की जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। सोशल मीडिया भी पुलिस के रडार पर है। सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। आपको ये भी बता दें कि देहरादून के एक इंस्टीट्यूट में पढ़ने वाला कश्मीरी छात्र शोएब अहमद लोन सितंबर 2018 में यहां से भाग गया था।


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