आतंक की पनाहगाह बनीं दून की खूबसूरत वादियां...पिछले दो साल में 2 आतंकियों के तार जुड़े

पिछले दो साल में 2 आतंकियों के तार देहरादून से जुड़े मिले। ये दोनों आतंकी कभी देहरादून के कॉलेजों में पढ़ते थे।

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सावधान हो जाइये, देवभूमि की शांत वादियां आतंकियों की पनाहगाह बनती जा रही हैं। पिछले दो साल में दो आतंकियों के तार देहरादून से जुड़े मिले। दानिश खान और शोएब अहमद लोन दोनों ही कश्मीरी छात्र थे, जो कि देहरादून में रहकर पढ़ाई करते थे। इसी दौरान दोनों ने आतंकी संगठन ज्वाइन कर लिया। हाल ही में देहरादून में पढ़ने वाले दो कश्मीरी छात्रों ने पुलवामा आतंकी हमले का समर्थन किया। इन सारी घटनाओं को हुए लोग यहां देखते तक कहने लगे हैं कि दून के कॉलेजों में आतंकी संगठनों के स्लीपर पल रहे हैं। आतंकी संगठन देशभर में ऐसे स्लीपर सेल बनाते हैं, जो कि आतंकी संगठनों के लिए महत्वपूर्ण सूचनाएं जुटाने का काम करते हैं। कुछ दिन पहले हिजबुल मुजाहिद्दीन का आतंकी शोएब मोहम्मद लोन जम्मू-कश्मीर में हुई मुठभेड़ में मारा गया था। शोएब पढ़ाई में अच्छा था, बीएससी-आईटी सेकेंड इयर की परीक्षा देने के बाद साल 2018 में वो अपने घर कुलगाम चला गया, अगस्त में उसे वापस लौटना था, लेकिन वो नहीं आया। शोएब की मां को उसके गायब होने के एक दिन बाद ही उसके आतंकी संगठन ज्वाइन करने का पता चल गया था। आतंकी संगठन से जुड़ने के बाद भी शोएब देहरादून आया था, ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि उसके दून आने की वजह क्या थी।

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शोएब प्रेमनगर में इंस्टीट्यूट के पास ही एक मकान में सीनियर छात्र के साथ किराये पर रहता था। आतंकी दानिश के तार भी देहरादून से जुड़े थे। दानिश ने जून 2017 में सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। दानिश ने भी देहरादून में रहकर पढ़ाई की थी। इससे पहले साल 2005 में प्रेमनगर के ही एक संस्थान से दो कश्मीरी छात्र पकड़े गए थे, जिनसे देहरादून के राष्ट्रीय और सामरिक महत्व के स्थानों के नक्शे मिले थे। दून हिजबुल कमांडर गुलाम नवी भी देहरादून में रह चुका है। साल 2010 में पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन का कमांडर गुलाम नवी अपने साथी तनवीर के साथ दिसंबर में होने वाली इंडियन मिलिट्री अकादमी की पासिंग आउट परेड से ऐन पहले पकड़ा गया था। आतंकी गुलाम नवी, हिजबुल मुजाहिद्दीन के मुखिया सैय्यद सलाउद्दीन का दायां हाथ रहा है। गुलाम नवी पर 22 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। बहरहाल आतंकियों के तार देहरादून से जुड़े होने की बात सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने उन एजेंट्स को अपने रडार पर लिया है, जो कि कश्मीरी मूल के छात्रों को प्राइवेट संस्थानों में एडमिशन दिला कर मोटा कमीशन पाते हैं। आतंकी शोएब को दाखिला दिलाने वाले एजेंट से भी खुफिया एजेंसी ने पूछताछ की थी, हालांकि शोएब के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई।


Uttarakhand News: dehradun becoming hub for terrorists

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