जब उत्तराखंड शहीद की पत्नी ने रो-रोकर पूछा ‘आखिर कब तक मरते रहेंगे जवान?’

जब उत्तराखंड शहीद की पत्नी ने रो-रोकर पूछा ‘आखिर कब तक मरते रहेंगे जवान?’

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क्यों हो रहा है ये सब ? आखिर कब तक हमारे जवान सरहद पर यूं हीं अपनी जान गंवाते रहेंगे ? साहब! ये सब क्या हो रहा है ? आप कुछ करते क्यों नहीं ? आखिर कब तक हमारे सुहाग इस तरह से उजड़ते रहेंगे ? आंखों में आंसुओं का सैलाब लिए शहीद हमीर पोखरियाल की पत्नी ने जब नेताओं से ये सवाल पूछे तो किसी को भी कोई जवाब नहीं सूझा। बेटा सरहद पर शहीद हो गया और पिता सरहद पर तैनात हैं। ये कहानी है हमीर पोखरियाल की। आज से ठईक एक महीने पहले 7 अगस्त को उत्तराखंड का लाल देश के लिए शहीद हो गया था। हमीर के पिता के जयेंद्र सिंह पोखरियाल उस दौरान एसएसबी में जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा में तैनात थे। शहादत से तीन महीने पहले ही हमीर पोखरियाल मई में छुट्टी से ड्यूटी पर वापस गए थे। उस दौरान हमीर ने अपनी गर्भवती पत्नी पूजा ने डिलीवरी के वक्त छुट्टी पर आने की बात कही थी। लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था।

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शहादत से तीन दिन पहले ही हमीर की फोन पर अपने परिवार से बातचीत हुई थी। उस वक्त हमीर ने कहा था वो अपनी यूनिट में तैनात हैं और खुश हैं। उन्होंने ये भी बताया था कि बॉर्डर पर फिलहाल हालात ठीक हैं। लेकिन 6 अगस्त 2018 को सोमवार के दिन अचानक हालात बदल गए। कश्मीर का गुरेज सेक्टर गोलियों की दनदनाहट और गोलाबारी से हिल उठा। इस दौरान 36 राष्ट्रीय राइफल के जवानों ने मजबूती से आतंकियों का सामना किया। इसी इसी मुठभेड़ में एक मेजर और चार जवान शहीद हो गए थे।

उत्तराखंड के हमीर सिंह पोखरियाल और मनदीप सिंह रावत ने इसी मुठभेड़ में आतंकियों से लड़ते हुए देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। जबसे परिवार को इस बात की खबर मिली, तबसे हर किसी का रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद की वीरांगना रो-रोकर सवाल पूछा कि आखिर कब तक हमारे सुहाग ऐसे ही उजड़ते रहेंगे ?

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शहीद के घर में उनकी गर्भवती पत्नी पूजा देवी, ढाई साल की बेटी अन्वी, मां राजकुमारी देवी और भाई सुनील पोखरियाल हैं। पिता को फोन पर इस बात की जानकारी दी गई तो वो फफक कर रो पड़े। हालात ऐसे कि किसी को कुछ सूझा ही नहीं कि आखिर क्या करें ? आखिर कब तक किसी का बेटा, किसी का भाई, किसी का पिता सरहद पर शहीद होता रहेगा ? क्यों किसी के पास इन सवालों का जवाब नहीं है? आपको जानकर हैरानी होगी कि उत्तराखंड ने हाल ही में ही करीब 9 वीर सपूतों को खो दिया है। चंद दिनों के भीतर खबर आती है कि उत्तराखंड का एक जवान सीमा पर शहीद हो गया। 7 अगस्त को ही खबर मिली कि उत्तराखंड के दो जवान शहीद हो गए। हमीर पोखरियाल उत्तरकाशी के पोखरियाल गांव के रहने वाले थे। उत्तराखंड के इन वीर सपूतों को राज्य समीक्षा की टीम का शत शत नमन।


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