बेमिसाल परंपरा: रक्षाबंधन पर देवभूमि की महिलाओं ने वृक्षों को बांधी राखी..जानिए क्यों

बेमिसाल परंपरा: रक्षाबंधन पर देवभूमि की महिलाओं ने वृक्षों को बांधी राखी..जानिए क्यों

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रक्षाबन्धन के पर्व पर महिलायें अपने भाई के हाथ पर राखी बांध कर जन्म-जन्म के रिश्ते को मजबूत करती हैं। उसी प्रकार पहाड़ की महिलाओं का पेड- पौधों, घास लकडी पानी से अटूट रिश्ता बना हुआ है। जिसके कारण वनों को बचाने के लिये बहुत लम्बे समय से महिलायें पेडों पर राखी बांधती है। उनके इस संदेश से साफ है कि भाई के रिश्ते के अलावा जंगल को भी मायके के रूप में देखती है। उन्हें लगता है कि अगर पेड़ नही रहेगें तो उनकी आजीविका चौपट हो जायेगी। जहां जंगल है, वहां की कृषि भूमि में आर्द्रता रहती है। टिहरी के गांव दिलसौड़ में एक ही खेत में बारह प्रकार की फसल उगाने में वनों का अदभुत योगदान है। जिसके कारण एक ही खेत में मंडुवा, गहत उडद, तिल, भंगजीर, सुन्टा, सोयाबीन, कददू के अलावा जंगली सब्जी पैदा होती है। इसी को ध्यान में रखकर भागीरथी के किनारे बसें दिलसौड गॉव की महिलाओं ने अपने आस-पास के पेडों को रक्षाबन्धन के पर्व पर राखी बांधी है। इसकी खास बातें जानिए।

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महिला मंगल दल की अध्यक्ष विजना देवी, शारदा देवी, सुन्दरी देवी, पार्वती देवी, सजना देवी, सरिता देवी, शिवदेई, धनपति आदि महिलाओं ने कहा कि उनका जंगल बार-बार आग से प्रभावित होता है। वे आग बुझाते है। इसके वावजूद भी गर्मियों में बारिष देर से होने के कारण हर साल उनका जंगल आग से बचाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे गॉव की खेती, जंगल, पशुपालन का एक अटूट रिश्ता है। यहॉ गॉव की महिलाओं ने रक्षासूत्र आन्दोलन महिला नेत्री हिमला डंगवाल की उपस्थिति में पहले अपने भाई बहनों के बीच राखी बॉधी। इसके बाद नागराजा के मन्दिर में बैठक की है और बैठक के बाद अपने जंगल में जाकर पेडों पर रिश्ते की डोर बॉधकर जंगल बचाने के लिये एकत्रित हुई है। आपको बता दें कि उत्तराखण्ड में दर्जनों स्थानों पर महिलाओं ने अपने वनों में व्यावसायिक कटान को रोकने के भी लिये रक्षासूत्र बांधे हैं।

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जिसके फलस्वरूप लाखों पेड बचाये गये है। उत्तराखंड में पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर छरबा गाँव, रायाला , भिलंग, चौरंगीखाल, हरसिल, जांगला, मुखेम, हरुन्ता, वयाली, बुढाकेदारनाथ आदि कई स्थानों के जंगल बचाए गए है | रक्षा सूत्र आन्दोलन की एक किताब भी लिखी गयी है। ये तस्वीरें देखिए।

रक्षाबन्धन के पर्व पर महिलायें अपने भाई के हाथ पर राखी बॉध कर जन्म-जन्म के रिश्ते को मजबूत करती है। उसी प्रकार पेड-...

Posted by I Love My Uttrakhand Sanskriti on Sunday, August 26, 2018


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