उत्तराखंडियों को उत्तराखंड से जोड़ दिया, दिल्ली में पहाड़ के युवाओं की एक शानदार पहल

उत्तराखंडियों को उत्तराखंड से जोड़ दिया, दिल्ली में पहाड़ के युवाओं की एक शानदार पहल

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ये कोई आम युवा नहीं बल्कि देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़े लिखे वो पहाड़ी हैं, जो उत्तराखंड में रहकर उत्तराखंड के लिए काम कर रहे हैं, तो शहरों में रहकर उत्तराखंडियों को अपने पहाड़ से जोड़ रहे हैं। ये चेहरे हैं...गौरव शौरे, आशीष ध्यानी, भुवन चतुर्वेदी, देव भंडारी, कीर्ति डंगवाल, कुबेर सिंह बिष्ट, पूरन पांडे, राम वर्मा, बिपिन जोशी और मीना वर्मा। अलग अलग क्षेत्रों में काम कर रहे ये वो चेहरे हैं जो IIT दिल्ली, IIT रुड़की, BITS पिलानी, SPA दिल्ली जैसे बड़े संस्थानों से पढ़े लिखे हैं। इनमें से कुछ युवा बड़ी कंपनियों में काम कर रहे हैं, तो कुछ उत्तराखंड में रहकर उत्तराखंड की पंरपरा, संस्कृति, भाषा, भेष की जानकारी लोगों तक पहुंचा रहे हैं। ये युवा ट्रांसफॉर्मिंग उत्तराखंड के जरिए दुनिया को पहाड़ से रू-ब-रू करा रहे हैं, तो उत्तराखंड हथकरघा के जरिए उत्तराखंड के स्थानीय बुनकरों को रोजगार दे रहे हैं।

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हाल ही में इन सभी ने 19 अगस्त को मिलकर दिल्ली में ही घी संक्रांति का उत्सव मनाया। दिल्ली में रह रहे उत्तराखंडियों के लिए ये एकदम नया था। इस उत्सव में कोदे की रोटी, भट्ट के डुबके, भात-दाल, लाप्सी, घी और हलवे का स्वाद जब लोगों ने चखा तो माहौल बन गया। इस भोज की खास बात ये रही कि सारे उत्तराखंड के लोग अपने अपने घरों से ही पहाड़ के स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर लाए थे। लोगों के साथ भाषा, भेष, भजन, भोजन (ट्रेडमार्क एंड कॉपीराइट टू स्वराज) नृत्य और संगीत पर चर्चाएं हुई, हेल्थ चेकअप कैंप लगाया गया।

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दिल्ली हाट, लक्ष्मीबाई नगर में आयोजित इस उत्सव में लोगों को उत्तराखंड की खूबसूरती के बारे में बताया गया तो खाली हो रहे पहाड़ों की भी बात हुई। कुल मिलाकर कहें तो दिल्ली में रह रहे उत्तराखंडियों को एक बार फिर से अपना पहाड़ याद आ गया। इस टीम में गौरव शौरे वो शख्स हैं, जो उत्तराखंड में अलग अलग जगहों की स्थानीय मान्यताओं के जानकार हैं।

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भुवन चतुर्वेदी वो देघाट के रहने वाले हैं। वो पहाड़ में ही रहकर पहाड़ के युवाओं के बीच जाकर सॉफ्ट स्किल्स डेवलपमेंट ,यूथ इम्पावरमेंट, करियर कन्सल्टिंग, पब्लिक स्पीकिंग,बिजनेस ट्रेनिंग जैसी खास बातें बता रहे हैं। आशीष ध्यानी पौड़ी से हैं और IIT रुड़की से पढ़े लिखे हैं और उत्तराखंड के स्थानीय बुनकरों को रोजगार दे रहे हैं। इनके बीच एक उत्साही युवा हैं, जिनका नाम है देव भंडारी। देव भंडारी BITS पिलानी से पासआउट हैं। फिलहाल वो दिल्ली में ही एक बड़ी आईटी कंपनी में एनालिस्ट हैं। इसके साथ साथ वो ट्रांसफॉर्मिंग उत्तराखंड के जरिए पहाड़ की अनमोल बातों को दुनिया तक पहुंचा रहे हैं। इन्हीं युवाओं में से नैनीताल के कीर्ति सिंह डंगवाल IIT दिल्ली से पासआउट हैं और एक नामी कंपनी में काम कर रहे हैं। इसके बाद भी वो उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में भी काम कर रहे हैं।

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कुबेर सिंह बिष्ट अल्मोड़ा से हैं। वो MBA करने के बाद बड़ी कंपनी अच्छे खासे पद पर काम कर रहे हैं। इसके बाद भी वो ट्रांसफॉर्मिंग उत्तराखंड से जुड़े हैं। पूरण पांडे चंपावत से हैं, दिल्ली में वो गैलेक्सी हॉस्पिटल में ऑपरेशंस एंड मार्केटिंग हेड हैं। इसके बाद भी वो ट्रांसफॉर्मिंग उत्तराखंड से जुड़कर पहाड़ में स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इसी तरह से मीना वर्मा भी सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद इस मुहिम से जुड़ी हैं। वो पहाड़ों में शराब और ड्रग्स के खिलाफ मुहिम चला रही हैं। कुल मिलाकर कहें तो इन सभी के द्वारा चलाई जा रही ये एक शानदार पहल है। चलिए अब आपको इस खूबसूरत वीडियो के साथ छोड़ जाते हैं।

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Uttarakhand News: Transforming uttarakhand ghee tyar festival in delhi

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