Video: उत्तराखंड शहीद को आखिरी सलाम, मनदीप रावत की विदाई में रो पड़ी हजारों आंखें

Video: उत्तराखंड शहीद को आखिरी सलाम, मनदीप रावत की विदाई में रो पड़ी हजारों आंखें

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कोटद्वार की सड़क पर उमड़ा ये जनसैलाब देखिए...ये देश के सच्चे हीरो की आखिरी विदाई का दृश्य है। बच्चे, बूढ़े, महिलाएं सड़क पर मौजूद हैं और नम आंखों से शहीद मनदीप सिंह रावत को आखिरी बार विदा कर रहे हैं। सड़क पर लगते ‘जय हिंद’ और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, मनदीप तेरा नाम रहेगा’ के नारे ये बता रहे हैं कि अपने लाल के लिए कोटद्वार के दिल में कितना सम्मान है। दो दिन पहले ही गुरेज सेक्टर में मनदीप सिंह रावत शहीद हो गए थे। 36 राष्ट्रीय राइफल को खबर मिली थी कि सीमा पार से कुछ आतंकी घुसपैठ की कोशिश में जुटे हैं। बस फिर क्या था एक मेजर के साथ कुछ जवान आतंकियों का खात्मा करने के लिए निकल पड़े। जब मौके पर पहुंचे तो मालूम हुआ कि उन आतंकियों की संख्या 8 से 10 के करीब है। फिर भी आखिरी दम तक लड़े और अपनी जान गंवा दी।

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मनदीप रावत ने सोमवार रात साढे 10 बजे मां- पिता से फोन पर बात की थी। आखिरी बार उन्होंने कहा था कि ‘मां मैं ठीक हूं और आप अपना ध्यान रखना’।कोटद्वार के शिवपुर के रहने वाले मनदीप सिंह अभी 6 साल पहले ही सेना में भर्ती हुए थे। 28 साल का ये वीर योद्धा गढ़वाल राइफल्स की 15 वीं बटालियन में तैनात था जो इन दिनों 36 आरआर का हिस्सा थे। 28 साल के इस सैनिक का परिवार भी सेना से ही ताल्लुक रखता है। अपने पिता से ही मनदीप ने देशभक्ति सीखी थी। उनके पिता का नाम बूथी सिंह है। मनदीप बड़े थे और उनका छोटा भाई संदीप रावत है। दूसरा भाई संदीप भी सेना में ही इन दिनो श्रीनगर में तैनात है। अपने बेटे को खोने का दर्द क्या होता है, वो उस मां से पूछिए जो दिन रात आंसू बहा रही है। ये सवाल उस पिता से पूछिए जिनके दिल और दिमाग सन्न हो गया है। उस भाई से पूछिए जो देश की रक्षा में तैनात है और अपने भाई के निधन से परेशान है।

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Uttarakhand News: Martyer mandeep rawat last good bye

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