देवभूमि की लाडली ने नेशनल लेवल पर जीते दो मेडल, प्रकाश पादुकोण ने दिया सम्मान

देवभूमि की लाडली ने नेशनल लेवल पर जीते दो मेडल, प्रकाश पादुकोण ने दिया सम्मान

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चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान और हाथों में बैडमिंटन थामे इस बेटी का नाम है मनसा रावत। 11 साल की मनसा रावत आज अपने खेल से इतिहास रच रही है। इस बेटी ने पीएनबी जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में उत्तराखंड का मान बढ़ाया। एक नहीं बल्कि दो दो सिल्वर मेडर जीतने वाली मनसा रावत अल्मोड़ा के छोटे से गांव खत्याड़ी की रहने वाली हैं। इस चैंपियनशिप में अंडर 13 और अंडर 15 कैटेगरी में मनसा रावत ने दो रजत पदक अपने नाम किए हैं। मनसा रावत का बैडमिंटन खेलने का तरीका गजब का है और देश के कई दिग्गज खिलाड़ी इस बेटी का लोहा मानते हैं। वजह ये भी है कि मनसा रावत इससे पहले भी कई चैंपियनशिप में अपना दम दिखा चुकी हैं।

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सिर्फ 10 साल की उम्र में मनसा रावत ने सिंगापुर में हुए अल्फा एज ग्रुप चैम्पियनशिप में 4 स्वर्ण पदक जीते थे। उस दौरान देशभर में इस बेटी की तारीफ हुई थी। सात साल की उम्र में मनसा रावत ने अपनी जिंदगी का पहला मैच खेला था। आपको जानकर हैरानी होगी कि अब तक मनसा रावत सिर्फ चार सालों में 21 स्वर्ण, 6 रजत और 3 कांस्य पदक अपने नाम कर चुकी है। इस छोटी सी बेटी की आदर्श खिलाड़ी हैं...सायना नेहवाल। मनसा रावत कहती हैं कि वो भी सायना नेहवाल की तरह दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनना चाहती हैं और देश का नाम रोशन करना चाहती हैं। इस बार फाइनल मैच में काफी कम अंतर से भले ही मनसा हारी हों लेकिन उनका खेल देखकर महान खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण ने उनकी तारीफ की। प्रकाश पादुकोण ने ही मनसा रावत को सम्मानित किया।

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मनसा रावत के पिता इंश्योरेंस कंपनी में प्रबंधक हैं, जबकि माता गृहणी हैं। धन्य हैं ऐसी बेटियां जो देश-विदेशों में उत्तराखंड का नाम रोशन कर रही हैं। आपको जानकर और भी खुशी होगी कि इसी चैंपियनशिप में मनसा के साथ साथ उत्तराखंड के तीन बैडमिटंन खिलाड़ियों ने भी मेडल जीते हैं। ईशान नेगी और शिवम मेहता ने रजत पदक जीते हैं, जबकि अनुष्का जुयाल ने कांस्य पदक जीतकर उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। ये वो प्रतिभाएं हैं, जो आने वाले भविष्य में देश और उत्तराखंड का नाम ओलंपिक में रोशन कर सकते हैं। ये वो खिलाड़ी हैं, जिनका हौसला बढ़ाने की सबसे ज्यादा जरूरत है। शाबाश मनसा...इसी तरह से उत्तराखंड का नाम रौशन करती रहो, विजयपथ पर आगे बढ़ती रहो। सुनबरा भविष्य आपका इंतजार कर रहा है।


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