उत्तराखंड शहीद हमीर पोखरियाल..जिसकी ढाई साल की बेटी पूछ रही है ‘मां रो क्यों रही हो?’

उत्तराखंड शहीद हमीर पोखरियाल..जिसकी ढाई साल की बेटी पूछ रही है ‘मां रो क्यों रही हो?’

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वो शहादत की एक अमर गाथा लिखकर चला गया। जान हथेली पर रखकर अमर शहीदों में अपना नाम कर गया। उसका भी घर था, परिवार था, गांव था..और एक बेटी है जो कह रही है कि ‘मां आप रो क्यों रही हो?’ वो ही ढाई साल की अन्वी पोखरियाल अपनी बेहोश हुई दादी को देखकर हैरान है, परेशान है। कल ही उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के पोखरियाल गांव के हमीर पोखरियाल ने आतंकियों से लड़कर अपनी जान कुर्बान कर दी। शहीद की गर्भवती पत्नी के कोख में पल रही जान अपने पिता को नहीं देख पाई। ऐसे हालातों में देश की रक्षा के लिए शहीद होने वाले जवानों पर आखिर कोई गर्व क्यों ना करे? 27 अप्रैल को ही हमीर पोखरियाल घर आए थे और परिवार से कई मसलों को लेकर बात हुई थी। वापस ड्यूटी पर लौटे तो बस फोन पर ही बात हो पाती थी।

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भारतीय सेना में 36 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे हमीर पोखरियाल। वो बांदीपुरा में तैनात थे। सोमवार की शाम आतंकियों ने गुरेज सेक्टर में घुसपैठ कर दी। इस भयंकर गोलाबारी में हमीर पोखरियाल शहीद हो गए। बीते चार सालों से हमीर पोखरियाल का परिवार ऋषिकेश के गुमानीवाला में रह रहा है। मंगलवार की सुबह सेना के अधिकारी ने हमीर पोखरियाल के परिवार को इस बारे में खबर दी। पहले हमीर पोखरियाल की पत्नी से बात हुई तो सेना के अधिकारी ने किसी और से बात करवाने को कहा। शहीद की मां सत्संग के लिए गई थी तो पत्नी ने शहीद के भाई को फोन थमाया। तब जाकर ये दुखद खबर दी गई। शहीद की मां को जब इस बारे में पता चला, तो वो बेहोश हो गईं। ढाई साल की बेटी अवनी अपने दादी का ये हाल देखकर परेशान है।

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अमर जवान हमीर पोखरियाल की पत्नी पूज देवी गर्भवती हैं। ढाई साल की अन्वी अपनी मां को भी संभाल रही और अपनी दादी को भी। ढाई साल की बच्ची के मन में क्या चल रहा है? कोई नहीं जानता। वो तो बस एक ही सवाल पूछ रही है कि मां आप रो क्यों रही हो? आपको ये जानकर भी गर्व होगा कि शहीद हमीर पोखरियाल के पिता एसएसबी में तैनात हैं, वो फिलहाल अमरनाथ ड्यूटी पर हैं। पिता की वर्दी देखकर अपने शरीर पर वर्दी पहनने का सपना हमीर ने बचपन में ही देख लिया था। अब पहाड़ का ये सपूत देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर चला गया। गर्व है ऐसे वीरों पर जिन्हें अपना जान की परवाह नहीं। वो देश के लिए दिल में सम्मान रखते हैं, तो मन में अपने परिवार की तस्वीर बसाए रखते हैं। गर्व है अमर शहीद हमीर पोखरियाल पर।जय हिंद।


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