एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड में हर-एक नदी का स्तर 'डेंजर-मार्क' पर... देखिये हैरान कर देने वाले आंकड़े

एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड में हर-एक नदी का स्तर 'डेंजर-मार्क' पर... देखिये हैरान कर देने वाले आंकड़े

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उत्तराखंड राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से उत्तराखंड की नदियों के वर्तमान स्तर के सम्बन्ध में कुछ रिपोर्ट्स राज्य समीक्षा को प्राप्त हुई हैं। इस रिपोर्ट में उत्तराखंड में नदियों के स्तर को लेकर जिलेवार सूचनाये दी गयी हैं। हैरानी की बात ये है कि ये रिपोर्ट अपने आप में ही एक बहुत बड़ा अलर्ट है। हालात कुछ ऐसे हैं कि सभी नदियाँ 'डेंजर-मार्क' से बस कुछ ही दूर हैं। गढ़वाल हो या कुमायूं मंडल सभी जगह भारी बारिश से नदियों का जल-स्तर तेजी से बढ़ा है और नदियों इस स्थिति ने आम-जन की सुरक्षा के दृष्टिगत चिंतायें बढ़ा दी हैं। दरअसल चिन्ता उन जगहों की है जहां पर नदियों के इस स्तर के बाद किनारों का कटान शुरू हो जाता है। ऐसे में नदी किनारों की जगहें इस स्थिति में पंहुच जाती हैं जहां पर कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। सबसे पहले हम आपको जिलेवार नदियों के वर्तमान स्तर की जानकारी देते हैं -

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पिथौरागढ़ में काली नदी का जल स्तर 888.10 मीटर है जबकि खतरे का स्तर 890.0 मीटर है। सरयू का जल स्तर 447.20 जबकि खतरे का स्तर 453.00 मीटर है। गोरी नदी का जल स्तर 604.75 मीटर है जबकि खतरे का स्तर 607.8 मीटर है। उत्तरकाशी में भागीरथी का वर्तमान जल-स्तर 1121.3 मीटर है जबकि खतरे का स्तर 1123.00 मीटर है। चमोली में अलकनंदा का जल-स्तर 954.50 मीटर है और खतरे का निशान 957.42 मीटर पर है, नंदाकिनी 868.8 मीटर पर बह रही है और खतरे का स्तर 871.5 मीटर है। चमोली में पिंडर नदी 769.18 मीटर पर है और खतरे का स्तर 773.0 मीटर पर है। हरिद्वार में गंगा का वर्तमान जलस्तर 291.1 मीटर है और हरिद्वार में गंगा नदी पर खतरे का निशान 294.0 मीटर पर है।
Latest Report dated 18-july-2018 : rivers in uttarakhand just below the danger mark
टिहरी जनपद की बात करें तो टिहरी बांध का अधिकतम जल-स्तर 830 मीटर निश्चित है और आज सुबह जल-स्तर 767.55 रिकॉर्ड किया गया है। बारिश के लिहाज से संवेदनशील जिलों में से एक रुद्रप्रयाग में अलकनंदा 623.4 मीटर पर बह रही है जबकि खतरे का निशान 627.0 मीटर पर है। रुद्रप्रयाग में ही मन्दाकिनी का वर्तमान जल-स्तर 622.65 रिकॉर्ड किया गया है और खतरे का स्तर 626.0 मीटर पर है। पिथौरागढ़ की ही तरह बागेश्वर में भी सरयू नदी खतरे के स्तर के पास ही बह रही है, सरयू का जल-स्तर आज सुबह बागेश्वर में 866.15 मीटर रिकॉर्ड किया गया है जबकि खतरे का स्तर 870.70 मीटर है। उत्तराखंड आपदाकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त रिपोर्ट्स के मुताबिक चम्पावत जिले में शारदा नदी का जल स्तर आज 219.55 मीटर रिकॉर्ड किया गया है जबकि यहाँ खतरे का स्तर 221.7 मीटर है।

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ये रिपोर्ट्स हैरान तो करती ही हैं, साथ ही डरा भी रही हैं। उत्तराखंड में भारी बारिश के रौद्र रूप को देखकर लोगों के दिलों में वैसे ही दहशत का आलम है। पिछले दिनों बागेश्वर को नाचुना और पिथौरागढ़ को जोड़ने वाला पुल जंमींदोज हो गया, यमुनोत्री में आवागमन के रास्ते बुरी तरह से प्रभावित हैं, और यही हाल कमोबश उत्तराखंड के सभी पहाड़ी जिलों का है। ऐसे में नदियों के बढ़ते जल-स्तर ने आम-जन की सुरक्षा के दृष्टिगत चिंतायें बढ़ा दी हैं।


Uttarakhand News: rivers in uttarakhand just below the danger mark

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