देवभूमि का बेटा...नौकरी छोड़कर अपने गांव लौटा, कोदा-झंगोरा से ही रच दिया इतिहास

देवभूमि का बेटा...नौकरी छोड़कर अपने गांव लौटा, कोदा-झंगोरा से ही रच दिया इतिहास

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राज्य समीक्षा पर हम आपको देवभूमि के कुछ कहानियां बताने की कोशिश करते हैं, जो प्रेरणादायक हैं। आज एक ऐसे युवा की कहानी जिसने अच्छी खासी नौकरी छोड़ी और अपने गांव लौट आया। उत्तरकाशी के सुदूर गांव का ये बेटा आज समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। इस युवा का नाम है नरेश नौटियाल। नरेश उत्तरकाशी जिले के देवलसारी गांव के रहने वाले हैं। देवलसारी गांव नौगांव ब्लॉक में पड़ता है। नरेश इससे पहले 7 साल तक हिमालयन एक्शन रिसर्च सेंटर (HARK) में बतौर मार्केटिंग सुपरवाइजर की नौकरी करते थे। इस दौरान ही नरेश को अहसास हो गया था कि पहाड़ के उत्पादों को किस तरह से एक बड़े मार्केट तक पहुंचाया जा सकता है। नरेश नौटियाल के मन में हमेशा बस एक ही टीस रहती थी कि पहाड़ के उत्पादों के देश और विदेश के बाजारों में पहुंचाना है।

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16 जुलाई 2009 को HARK की नौकरी छोड़कर वो देहरादून चले आए। इसके बाद 2011 में वो सीधे अपने पहाड़ अपने गांव लौट आए। शुरुआत में नरेश नौटियाल अलग अलग गांवों में गए। कोदा, झंगोरा, पहाड़ी दाल, अखरोट जैसे उत्पादों को लोगों से बाजार भाव में खरीदा और बड़े बाजारों में पहुंचाना शुरू कर दिया। इसके बाद नरेश नौटियाल ने देहरादून से लेकर मुंबई, दिल्ली, गुजरात, यूपी, हिमाचल प्रदेश जैसी जगहों पर पहाड़ी उत्पादों का स्वाद लोगों को चखाया। आज नरेश जहां भी जाते हैं, उनके उत्पादों को हाथोंहाथ खरीद लेते हैं। आज नरेश कहते हैं कि उनके मन में हमेशा से ये बात थी कि स्थानीय उत्पादों की बाजार में अच्छी पहचान बने। नरेश के मुताबिक यहां की उपजाऊ भूमि में पैदा उत्पादों को अगर बाजार मिल जाए तो आर्थिकी में जबरदस्त सुधार होगा।

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नरेश नौटियाल की लगातार कोशिशों से स्थानीय उत्पादों को देशभर में एक पहचान मिली है। इसके साथ ही स्थानीय लोग अब खेती में रुचि ले रहे हैं। दरअसल स्थानीय लोगों को भी उनके उत्पादों का दाम नरेश नौटियाल द्वारा दिया जा रहा है। नरेश का मानना है कि स्वावलंबी बनिए और स्वरोजगार अपनाइए, तभी पहाड़ के उत्पादों, संस्कृति और परंपरा को नई पहचान मिलेगी। इसी सोच ने उन्हें पहाड़ में ही रहकर कुछ नया करने के लिए प्रेरित किया। जाहिर सी बात है कि जिंदगी में कभी भी हारकर बैठना नहीं चाहिए। कुछ करने की लगन की जिंदगी को हौसला देती है, दिल को विश्वास देती है। नरेश नौटियाल आज जिस तरह से काम कर रहे हैंस वो हर किसी के लिए प्रेरणा है। राज्य समीक्षा की टीम की तरफ से नरेश को हार्दिक शुभकामनाएं।


Uttarakhand News: Success Story of Naresh nautiyal uttarkashi

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