उत्तराखंडियों को अपनी मातृभाषा से कितना प्यार है ? रिसर्च में सामने आई हैरान करने वाली बातें

उत्तराखंडियों को अपनी मातृभाषा से कितना प्यार है ? रिसर्च में सामने आई हैरान करने वाली बातें

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आज उत्तराखंड में अपनी बोली-भाषा को बचाने के लिए बड़ी कोशिशें की जा रही हैं। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या सच में उत्तराखंड के लोग अपनी बोली और भाषा को लेकर इतने जागरूक हैं ? हाल ही में जनगणना के आंकड़ों के ताजा विश्लेषण के बाद इसे लेकर कुछ बड़ी बातें सामने आई हैं। भारत के महापंजीयक व जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा इस रिपोर्ट को जारी किया गया है। ये आंकड़े बताते हैं कि उत्तराखंड में कुल मिलाकर 99 बोलियां और भाषाएं बोली जाती हैं। इनमें से सबसे ज्यादा हिंदी, गढ़वाली, कुमाऊंनी बोलने वाले लोग हैं। ये रिपोर्ट कहती है कि उत्तराखंड में 43.36 फीसद लोगों की मातृ भाषा हिंदी है। इसके बाद दूसरे नंबर पर 23.02 फीसद लोग गढ़वाली बोलने वाले हैं। तीसरे स्थान पर कुमाऊंनी बोलने वाले लोग हैं, जिनका 19.94 प्रतिशत है। जौनसारी बोलने वालों की संख्या 1,35,698 है।

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हालांकि उत्तराखंड के 13 जिलों में से 10 जिलों में गढ़वाली और कुमाऊंनी का बोलबाला है। बाकी बचे तीन जिलों में हिंदी भाषा बोली जाती है। पौड़ी, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों में लोगों की मातृभाषा गढ़वाली बोली जाती है। दूसरी ओर नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत में कुमाऊंनी भाषा का बोलबाला है। सिर्फ तीन जिलों में हिंदी भाषा बोली जाती है और वो हैं हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंहनगर। लेकिन बात ये है कि इन जिलों में ही उत्तराखंड की ज्यादातर जनसंख्या रह रही है। कुल मिलाकर ये आंकड़े कहते हैं कि उत्तराखंड में हिंदी भाषी लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि उत्तराखंड में गढ़वाली और कुंमाउंनी का प्रसार सबसे ज्य़ादा है। यानी अब लोग धीरे-धीरे जागरूक हो रहे हैं।

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ऊधमसिंहनगर जिले में गढ़वाली और कुमाऊंनी बोली को बचाए रखने के लिए सबसे ज्यादा प्रसार हो रहा है। इन आंकड़ों का लब्बो-लुआब ये है कि उत्तराखंड के 10 जिलों में गढ़वाली और कुमाऊंनी सबसे ज्यादा बोली जाती है लेकिन बाकी तीन जिलों में जनसंख्या ज्यादा है और वहां हिंदी बोलने वाले लोग ज्यादा हैं। पलायन की वजह से उत्तराखंड के अनगिनत गांव खाली हो गए हैं और शहरों की ओर चल पड़े हैं। हरिद्वार में हिंदीभाषी लोगों की संख्या 16.49 लाख है जबकि गढ़वाली बोलने वाले 14.63 हजार लोग हैं। ऊधमसिंहनगर में 10.28 लाख लोग हिंदी भाषी हैं, 86.07 हजार लोग कुमाऊंनी बोलने वाले और 5.84 हजार लोग गढ़वाली बोलने वाले हैं। वहीं देहरादून में हिंदी भाषी 10.14 लाख लोग हैं। देहरादून में गढ़वाली बोलने वाले 2.85 लाख लोग हैं और जौनसारी बोलने वाले 1.26 लाख लोग हैं।


Uttarakhand News: Report about garhwali and kumaoni language

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