उत्तराखंड देहरादूनUttarakhand CM Dhami Announces 4 Big Decisions for Block Pramukhs

उत्तराखंड में पंचायत प्रतिनिधियों की बल्ले-बल्ले! धामी सरकार ने की 4 बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड प्रमुख संगठन सम्मेलन-2026 में पंचायत प्रतिनिधियों के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

CM Pushkar Singh Dhami: Uttarakhand CM Dhami Announces 4 Big Decisions for Block Pramukhs
Image: Uttarakhand CM Dhami Announces 4 Big Decisions for Block Pramukhs (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के ब्लॉक प्रमुखों और पंचायत प्रतिनिधियों को बड़ी सौगात दी है। रविवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड प्रमुख संगठन सम्मेलन-2026 में मुख्यमंत्री ने क्षेत्र पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें क्षेत्र पंचायत निधि को दोबारा शुरू करना, पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय एवं भत्तों में बढ़ोतरी की कार्यवाही करना और ग्रामीण क्षेत्रों को नगरीय क्षेत्र में शामिल करने से पहले संबंधित ग्राम पंचायत से विचार-विमर्श करना शामिल है।

Uttarakhand CM Dhami Announces 4 Big Decisions for Block Pramukhs

मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं को प्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इनसे ब्लॉक प्रमुखों और क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

CM धामी की चार बड़ी घोषणाएं

उत्तराखंड प्रमुख संगठन सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायत प्रतिनिधियों के हित में चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
1. क्षेत्र पंचायत निधि फिर होगी शुरू: क्षेत्र पंचायतों को विकास कार्यों के लिए मिलने वाली निधि को दोबारा प्रारंभ किया जाएगा।
2. मानदेय और भत्तों में बढ़ोतरी: क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय एवं भत्तों में वृद्धि के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
3. NRLM समिति में ब्लॉक प्रमुख को जगह: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विकासखंड स्तरीय समिति में क्षेत्र पंचायत प्रमुख को शामिल किया जाएगा।
4. ग्राम पंचायतों से विचार-विमर्श: ग्रामीण क्षेत्रों को नगरीय निकायों में शामिल करने की प्रक्रिया में संबंधित ग्राम पंचायत से विचार-विमर्श किया जाएगा।

सरकार और जनता के बीच अहम पंचायत प्रतिनिधि

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ब्लॉक प्रमुख और पंचायत प्रतिनिधि सरकार तथा जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। वे अपने क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं, आवश्यकताओं और विकास की प्राथमिकताओं को बेहतर तरीके से समझते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को गांवों तक पहुंचाने में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार उनके सुझावों और समस्याओं को गंभीरता से ले रही है। संबंधित विभागों के साथ चर्चा कर इनके समाधान के लिए सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे। आगे पढ़ीए..

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रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत वृद्धि का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तराखंड का सपना तभी पूरा होगा, जब प्रदेश के गांव मजबूत और आत्मनिर्भर बनेंगे। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि होमस्टे, ग्रामीण पर्यटन, कृषि, बागवानी, पशुपालन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि गांवों में आजीविका के अवसर बढ़ाने और विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।

महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदी अभियान के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा किसानों, वरिष्ठ नागरिकों, सैनिकों और पूर्व सैनिकों सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाएं और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें।

धार्मिक पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही केदारखंड और मानसखंड के प्रमुख मंदिरों के विकास के साथ गोल्ज्यू कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देकर पर्यटन गतिविधियों का विस्तार करना चाहती है, जिससे स्थानीय लोगों को पूरे साल रोजगार के अवसर मिल सकें।

पंचायत प्रतिनिधियों के लिए इन घोषणाओं का महत्व

मुख्यमंत्री की घोषणाओं से क्षेत्र पंचायतों को विकास कार्यों में अधिक सक्रिय भूमिका मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र पंचायत निधि दोबारा शुरू होने से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। वहीं मानदेय और भत्तों में प्रस्तावित बढ़ोतरी से पंचायत प्रतिनिधियों को राहत मिलने की संभावना है। ग्रामीण क्षेत्रों को नगरीय निकायों में शामिल करने से पहले ग्राम पंचायतों से विचार-विमर्श करने की घोषणा भी महत्वपूर्ण है। इससे स्थानीय लोगों की राय और ग्रामीण जरूरतों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करने का अवसर मिलेगा।