देहरादून: राजधानी देहरादून के नामी समर वैली स्कूल में छात्राओं से कथित छेड़छाड़ और बदसलूकी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। स्कूल का गेट नहीं खोले जाने पर कुछ कार्यकर्ता गेट पर चढ़कर दूसरी ओर कूद गए। वहीं, 11वीं की छात्रा की ओर से फिजिक्स के शिक्षक पर गलत तरीके से छूने के आरोप लगाए जाने के बाद स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
Dehradun School Controversy: Students’ Harassment Allegations Spark Protest
देहरादून के डालनवाला स्थित समर वैली स्कूल में छात्राओं की शिकायतों को लेकर विवाद बढ़ गया है। मामले में उचित कार्रवाई की मांग करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। बताया गया कि स्कूल का गेट नहीं खोले जाने पर कुछ प्रदर्शनकारी गेट पर चढ़ गए और दूसरी तरफ कूदकर अंदर चले गए। प्रदर्शनकारियों ने छात्राओं की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
11वीं की छात्रा ने फिजिक्स शिक्षक पर लगाए आरोप
मामला तब सामने आया, जब कक्षा 11वीं की एक छात्रा ने स्कूल के फिजिक्स शिक्षक पर गलत तरीके से छूने का आरोप लगाया। परिजनों के मुताबिक, छात्राओं ने शिक्षक के व्यवहार को लेकर स्कूल की प्रिंसिपल को लिखित शिकायत दी थी। शिकायती पत्र पर 15 छात्राओं के हस्ताक्षर होने की बात सामने आई है। छात्राओं ने शिक्षक के व्यवहार को लेकर आपत्ति जताई और स्कूल प्रबंधन से कार्रवाई की मांग की। आरोप सामने आने के बाद संबंधित शिक्षक को निलंबित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच और उसके निष्कर्षों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। आगे पढ़िए..
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छात्रा और उसकी मां को स्कूल में रोके रखने का आरोप
शुक्रवार को शिकायत को लेकर स्कूल में हंगामे की स्थिति बन गई। आरोप है कि शिकायत करने पहुंची छात्रा और उसकी मां को स्कूल परिसर में कई घंटों तक रोके रखा गया और बाहर नहीं जाने दिया गया। इस दौरान स्कूल के गेट बंद कर उन पर ताले लगा दिए गए। छात्रा की मां ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने उनके और उनकी बेटी के साथ उचित व्यवहार नहीं किया। उन्होंने स्थिति को बंधक बनाए जाने जैसा बताते हुए पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। मामला बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी ली।
छात्रा को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा
परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के व्यवहार पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि प्रबंधन से जुड़े एक व्यक्ति ने छात्रा से उसे छूकर बताने को कहा कि शिक्षक ने किस तरह गलत तरीके से छुआ था। परिजनों का कहना है कि इस तरह के व्यवहार से छात्रा को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। उनका आरोप है कि शिकायत को संवेदनशीलता के साथ सुनने और उचित प्रक्रिया अपनाने के बजाय मामले को संभालने के तरीके ने उनकी नाराजगी बढ़ा दी। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
स्कूल प्रबंधन की कार्रवाई पर उठे सवाल
छात्राओं की शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से की गई कार्रवाई और शिकायतकर्ता छात्रा व उसकी मां के साथ कथित व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी छात्राओं के लिए न्याय और जवाबदेही की मांग उठाई। फिलहाल, इस मामले में छात्राओं की शिकायत, स्कूल प्रबंधन की भूमिका और घटनास्थल पर हुए हंगामे से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है। आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी।