उत्तराखंड पिथौरागढ़Adi Kailash Route Snow Clearing Underway

पिथौरागढ़: आदि कैलाश मार्ग पर 10 फीट तक बर्फ, BRO की 6 मशीनें जुटीं.. कुछ दिन थमेगी यात्रा

पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी के बाद आदि कैलास यात्रा मार्ग को खोलने का काम तेज कर दिया गया है। कुटी-ज्योलिंगकोंग मार्ग पर कई फीट बर्फ जमा है, जबकि नावीढांग-लिपुलेख के 12 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 8 से 10 फीट तक बर्फ जमी हुई है।

Adi Kailash Route Snowfall: Adi Kailash Route Snow Clearing Underway
Image: Adi Kailash Route Snow Clearing Underway (Source: Social Media)

पिथौरागढ़: उच्च हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी के बाद आदि कैलास यात्रा मार्ग पर यातायात बहाल करने की कवायद तेज हो गई है। सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें कुटी से ज्योलिंगकोंग के बीच सड़क पर जमा बर्फ हटाने में जुटी हैं। कई फीट मोटी बर्फ को मशीनों की मदद से काटकर सड़क को दोबारा खोलने का काम किया जा रहा है। लगातार कम तापमान और कठिन मौसम के बावजूद BRO के जवान और श्रमिक दिन-रात काम कर रहे हैं।

Adi Kailash Route Snow Clearing Underway

नावीढांग से लिपुलेख के बीच करीब 12 किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग पर भारी बर्फ जमा है। यहां कई स्थानों पर बर्फ की मोटाई 8 से 10 फीट तक बताई जा रही है। BRO की आसीसी-65 टीम इस हिस्से में बर्फ हटाने के काम में लगी हुई है। अधिक मात्रा में बर्फ जमा होने के कारण मार्ग खोलने में समय लग रहा है।

BRO की छह भारी मशीनें तैनात

कुटी से ज्योलिंगकोंग के बीच सड़क को साफ करने के लिए छह भारी मशीनें लगाई गई हैं। ऊंचाई वाले इलाके में तापमान शून्य से नीचे पहुंच चुका है और सड़क के दोनों तरफ बर्फ के ऊंचे ढेर बन गए हैं। ऐसे में बर्फ हटाने के साथ-साथ वाहनों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना भी चुनौती बना हुआ है।

3 से 4 दिन में मार्ग खुलने की उम्मीद

BRO के अनुसार, सड़क से पूरी तरह बर्फ हटाकर यातायात को सामान्य करने में अभी तीन से चार दिन का समय लग सकता है। वहीं, आदि कैलास मंदिर और पार्वती सरोवर तक मार्ग खोलने में करीब दो से तीन दिन लगने की संभावना जताई गई है। हालांकि, वास्तविक स्थिति मौसम और बर्फ हटाने की गति पर निर्भर करेगी।

करीब एक हजार श्रद्धालुओं ने किए आदि कैलास के दर्शन

भारी बर्फबारी के बीच भी आदि कैलास यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है। बुधवार को करीब एक हजार श्रद्धालु कुटी से ज्योलिंगकोंग पहुंचे और वहां से आदि कैलास के दर्शन किए। भारी बर्फ से ढके पहाड़ और रास्ते देखकर कई यात्री उत्साहित नजर आए।

यात्रियों से सतर्कता बरतने की अपील

उच्च हिमालयी क्षेत्र में कड़ाके की ठंड, फिसलन और बर्फ की मोटी परत के चलते यात्रा चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन और BRO ने यात्रियों से मौसम की स्थिति देखकर ही आगे बढ़ने और पूरी सावधानी बरतने की अपील की है। आदि कैलास और ओम पर्वत की यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया भी जारी है।

आदि कैलास यात्रा को लेकर बढ़ा उत्साह

भारी बर्फबारी के बावजूद आदि कैलास और ओम पर्वत के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। हालांकि, उच्च हिमालयी क्षेत्र की परिस्थितियों को देखते हुए मार्ग की स्थिति और प्रशासन की अनुमति के अनुसार ही यात्रा आगे बढ़ाई जा रही है।