उत्तरकाशी: उत्तराखंड के दयारा बुग्याल ट्रेक से 29 मई 2026 को लापता हुई रामनगर निवासी बबीता पांडे का करीब चार महीने बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। कई एजेंसियों ने जंगल, ट्रेकिंग रूट, पानी के स्रोत और संभावित इलाकों में बड़े स्तर पर तलाश की, लेकिन बबीता का अब तक पता नहीं चल सका है।
Babita Pandey Missing for Four Months, Mystery Continues in Uttarkashi
जनपद नैनीताल के रामनगर क्षेत्र की 24 वर्षीय बबीता पांडे अपने दो साथियों के साथ उत्तरकाशी पहुंची थीं। 29 मई को उन्होंने रैथल से दयारा बुग्याल की ओर ट्रेकिंग शुरू की और शाम को गोई पहुंचीं। इसी दौरान रात में वह अपने ठहरने के स्थान से लापता हो गईं। इसके बाद से उनकी तलाश जारी है। बबीता की गुमशुदगी के बाद पुलिस और प्रशासन ने अलग-अलग संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया।
पुलिस से लेकर सेना तक ने चलाया सर्च ऑपरेशन
बबीता की तलाश में पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की टीमें लगाई गईं। ड्रोन, हेलीकॉप्टर और डॉग स्क्वायड की मदद से भी संभावित क्षेत्रों को खंगाला गया। दयारा के अलावा रैथल, बार्सू और नटीण से जुड़े ट्रेक मार्गों, जंगलों, खाइयों और अन्य संभावित स्थानों पर भी तलाश की गई।
जंगल, पानी के टैंक और संभावित स्थान भी खंगाले
सर्च अभियान के दौरान नटीण के दुर्गम और घने जंगलों में भी टीमों ने तलाशी ली। संभावित भालू आवासीय क्षेत्रों, पानी के टैंकों और जंगल में संदिग्ध स्थानों की भी जांच की गई। कुछ स्थानों पर मिले खुदाई के निशानों की दोबारा पड़ताल की गई, लेकिन बबीता से जुड़ा कोई निर्णायक सुराग सामने नहीं आया। गोई की झील में भी विशेष टीम ने तलाशी अभियान चलाया था। इसके बावजूद वहां से भी बबीता के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।
अपहरण की आशंका पर भी हुई जांच
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अपहरण की आशंका समेत अलग-अलग पहलुओं को ध्यान में रखा। कुछ लोगों से पूछताछ और तकनीकी जांच भी की गई, लेकिन अब तक ऐसा कोई निर्णायक तथ्य सार्वजनिक नहीं हुआ है, जिससे बबीता के लापता होने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके।
अब पुलिस की विवेचना पर टिकी उम्मीद
लंबे समय तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद अब मामले में पुलिस की विवेचना जारी है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी और अब तक सामने आए तथ्यों को जोड़कर बबीता के लापता होने की परिस्थितियों को समझने का प्रयास कर रही है। उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के अनुसार, पुलिस की ओर से बबीता की तलाश और मामले की जांच में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। संभावित स्थानों पर तलाश के साथ मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
कौन हैं बबीता पांडे?
बबीता पांडे नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र की रहने वाली हैं। उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार वह 24 वर्षीय MBA छात्रा हैं। 25 मई को वह अपने दो साथियों के साथ उत्तरकाशी घूमने निकली थीं और बाद में दयारा बुग्याल ट्रेक पर गईं। 29 मई की रात गोई क्षेत्र से लापता होने के बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। करीब चार महीने बीतने के बाद भी परिवार और जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि बबीता आखिर किन परिस्थितियों में लापता हुईं और वह अब कहां हैं। फिलहाल इस सवाल का कोई निश्चित जवाब सामने नहीं आया है।