उत्तराखंड देहरादूनRajaji Tiger Reserve Plans Full-Day Safari in Uttarakhand

उत्तराखंड: राजाजी टाइगर रिजर्व में अब पूरे दिन होगी जंगल सफारी! हर गेट से 2 वाहनों को मिलेगी अनुमति

राजाजी टाइगर रिजर्व में अब फुल डे जंगल सफारी शुरू करने की तैयारी, हर गेट से दो वाहनों को मिल सकती है अनुमति। सूर्योदय से सूर्यास्त तक होगी सफारी, प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो अगले पर्यटन सीजन से लागू हो सकती है नई व्यवस्था।

Rajaji Tiger Reserve: Rajaji Tiger Reserve Plans Full-Day Safari in Uttarakhand
Image: Rajaji Tiger Reserve Plans Full-Day Safari in Uttarakhand (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड में जंगल सफारी का रोमांच जल्द और लंबा होने वाला है। राजाजी टाइगर रिजर्व में फुल डे सफारी शुरू करने की तैयारी चल रही है। रिजर्व प्रबंधन मध्य प्रदेश की तर्ज पर इस नई व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। प्रस्ताव के तहत प्रत्येक गेट से दो वाहनों को पूरे दिन की सफारी के लिए अनुमति दी जा सकती है।

Rajaji Tiger Reserve Plans Full-Day Safari in Uttarakhand

वर्तमान में राजाजी टाइगर रिजर्व के चीला, मोतीचूर, चिलावाली और रानीपुर गेट से पर्यटकों को सुबह और शाम की अलग-अलग शिफ्ट में सफारी कराई जाती है। मौजूदा व्यवस्था में सफारी की अवधि करीब चार घंटे की शिफ्ट में निर्धारित है। अब प्रबंधन सुबह से शाम तक यानी सूर्योदय से सूर्यास्त तक फुल डे सफारी शुरू करने की योजना बना रहा है। फुल डे सफारी के लिए प्रत्येक गेट से दो वाहनों को अनुमति देने का प्रस्ताव है। इसके लिए पर्यटकों को सामान्य सफारी की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा। हालांकि, प्रस्ताव को अभी अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।

मध्य प्रदेश की तर्ज पर तैयार हो रहा प्रस्ताव

राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक कोको रोसे के अनुसार, मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ और कान्हा टाइगर रिजर्व में फुल डे सफारी की व्यवस्था है। आगे पढ़िए..

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इसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए राजाजी में भी ऐसी व्यवस्था शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। प्रस्ताव तैयार होने के बाद इसे प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव के पास भेजा जाएगा। अनुमति मिलने और शुल्क निर्धारित होने के बाद अगले पर्यटन सीजन में इसे लागू करने की योजना है।

राजाजी में बढ़ रहा सफारी का क्रेज

राज्य में वन्यजीव सफारी के प्रति पर्यटकों की रुचि लगातार बढ़ी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 में 6,58,613, 2023-24 में 7,17,939 और 2024-25 में 8,08,324 पर्यटक सफारी के लिए पहुंचे। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इको-टूरिज्म के क्षेत्र में नए विकल्प विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। फुल डे सफारी की शुरुआत भी इसी दिशा में एक प्रस्तावित कदम है।

अभी क्या है व्यवस्था?

फिलहाल राजाजी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को निर्धारित समय के अनुसार सुबह और शाम सफारी का विकल्प मिलता है। रिजर्व की उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सफारी के लिए प्रतिदिन दो स्लॉट निर्धारित होते हैं। अगर फुल डे सफारी के प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो पर्यटकों को एक ही सफारी के दौरान सूर्योदय से सूर्यास्त तक जंगल और वन्यजीवों को देखने का मौका मिल सकता है। हालांकि, अंतिम समय, शुल्क और अन्य नियम मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होंगे।