उत्तराखंड पिथौरागढ़Woman Swept Away in Nepal River While Saving Calf

उत्तराखंड: भैंस के बच्चे को बचाने के चक्कर में नदी की तेज धारा में बही महिला, 5 किमी दूर मिला शव

Pithoragarh News: बछड़े को बचाने के प्रयास में 45 वर्षीय महिला तेज धारा में बह गई। करीब 5 किमी दूर बसगोईरा से शव बरामद किया गया।

Woman Swept Away in River: Woman Swept Away in Nepal River While Saving Calf
Image: Woman Swept Away in Nepal River While Saving Calf (Source: Social Media)

पिथौरागढ़: भारत की सीमा से सटे नेपाल के डडेलधुरा जिले में एक दर्दनाक हादसे में 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई। परशुराम नगरपालिका-12 के लालढुंगा निवासी डंबरी नाथ अपनी भैंस चराने नदी किनारे गई थीं। इसी दौरान भैंस के बच्चे को बचाने के प्रयास में उनका संतुलन बिगड़ गया और वह रंगुन गधेरे की तेज बहाव वाली नहर में जा गिरीं।

Woman Swept Away in Nepal River While Saving Calf

जानकारी के अनुसार, डंबरी नाथ अपनी भैंस को चराने के लिए नदी के किनारे गई थीं। इसी दौरान उनके साथ गया भैंस का बच्चा (पाड़ा) पहाड़ी से नीचे नदी की ओर जाने लगा। पाड़ा को वापस भगाने और उसे बचाने की कोशिश में महिला का अचानक संतुलन बिगड़ गया। वह तेज बहाव वाली नहर में जा गिरीं और पानी के साथ बह गईं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने महिला को नहर में बहते हुए देखा और तत्काल नेपाल प्रहरी को सूचना दी। आगे पढ़िए..

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सूचना मिलते ही जिला प्रहरी कार्यालय डडेलधुरा की टीम मौके पर पहुंची। प्रहरी उप निरीक्षक वरुण बहादुर सिंह के नेतृत्व में नेपाल प्रहरी, सशस्त्र प्रहरी बल और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। काफी प्रयास के बावजूद महिला को तत्काल बरामद नहीं किया जा सका। इसके बाद टीम ने आसपास के नदी क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी रखा।

हादसे के करीब 5 किलोमीटर दूर मिला शव

काफी मशक्कत के बाद डंबरी नाथ का शव दुर्घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर बसगोईरा नामक स्थान से बरामद किया गया। शव बरामद होने के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

हादसे के बाद परिवार में मचा कोहराम

अचानक हुए इस दर्दनाक हादसे से मृतका के परिवार में मातम छा गया। महिला की मौत की खबर से लालढुंगा और आसपास के क्षेत्र में भी शोक की लहर है। यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी और नदी किनारे के क्षेत्रों में तेज बहाव वाले जलस्रोतों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत को सामने लाता है।