उत्तराखंड चमोलीNanda Devi Lok Jat Yatra 2026 Schedule Announced

नंदादेवी लोकजात यात्रा 2026 का दिन पट्टा जारी, 5 से 25 सितंबर तक होगी भव्य यात्रा, जानिए पूरा कार्यक्रम

नंदादेवी लोकजात यात्रा 2026 का दिन पट्टा जारी हो गया है। यात्रा 5 से 25 सितंबर तक आयोजित होगी और वेदनी बुग्याल तक जाएगी। जानिए पूरा यात्रा कार्यक्रम।

Nanda Devi Lok Jat Yatra 2026: Nanda Devi Lok Jat Yatra 2026 Schedule Announced
Image: Nanda Devi Lok Jat Yatra 2026 Schedule Announced (Source: Social Media)

चमोली: नंदादेवी राजराजेश्वरी सिद्धपीठ देवराड़ा-थराली से वर्ष 2026 की नंदादेवी लोकजात यात्रा का दिन पट्टा जारी कर दिया गया है। बधाण क्षेत्र के सयानों की बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष यात्रा का आयोजन 5 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। यात्रा वेदनी बुग्याल तक पहुंचेगी और विशेष पूजा के बाद डोली वापस सिद्धपीठ देवराड़ा लौटेगी।

Nanda Devi Lok Jat Yatra 2026 Schedule Announced

बुधवार को नंदा सिद्धपीठ देवराड़ा में मंदिर समिति के अध्यक्ष भूवन हटवाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय समिति मां नंदादेवी राजराजेश्वरी बधाण के अध्यक्ष सुशील रावत और सचिव पृथ्वीपाल सिंह बुटोला ने बताया कि वर्ष 2027 में नंदादेवी राजजात यात्रा का आयोजन प्रस्तावित है। इसी कारण वर्ष 2026 में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली लोकजात यात्रा को भी भव्य रूप से संपन्न कराया जाएगा। बैठक में यात्रा मार्ग, पड़ावों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं तथा व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही बताया गया कि थराली, देवराड़ा, कुलसारी और वांण में हुई बैठकों तथा कुरूड़ के गौड़ ब्राह्मणों की राय के बाद इस बार देवराड़ा से दिन पट्टा जारी किया गया है। पहले जारी कार्यक्रम में आंशिक संशोधन भी किया गया है।

वेदनी बुग्याल तक जाएगी यात्रा

समिति के अनुसार इस वर्ष भी नंदादेवी की लोकजात वेदनी बुग्याल तक पहुंचेगी। वहां सप्तमी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और नंदादेवी को कैलाश विदाई की परंपरा निभाई जाएगी। इसके बाद डोली निर्धारित मार्ग से वापस सिद्धपीठ देवराड़ा लौटेगी, जहां देवी अगले छह माह तक गर्भगृह में विराजमान रहेंगी।

नंदादेवी लोकजात यात्रा 2026 का पूरा कार्यक्रम

5 सितंबर: कुरूड़ से प्रस्थान, रात्रि विश्राम – चरबंग
6 सितंबर: चरबंग से मदकोट
7 सितंबर: मदकोट से उस्तोली
8 सितंबर: उस्तोली से भेटी
9 सितंबर: भेटी से सोल डुंग्री
10 सितंबर: डुंग्री से सूना
11 सितंबर: सूना से थराली होते हुए चेपड़ो
12 सितंबर: चेपड़ो से धरातल्ला
13 सितंबर: धरातल्ला से इच्छोली
14 सितंबर: इच्छोली से फल्दियागांव
15 सितंबर: फल्दियागांव से पिलखड़ा होते हुए मुंदोली
16 सितंबर: मुंदोली से लोहाजंग होते हुए वांण
17 सितंबर: वांण से गैरोली पातल
18 सितंबर: गैरोली पातल से वेदनी बुग्याल, विशेष पूजा एवं कैलाश विदाई

वापसी कार्यक्रम

18 सितंबर: वेदनी से बांक गांव
19 सितंबर: बांक से ल्वाणी
20 सितंबर: ल्वाणी से उलंग्रा
21 सितंबर: उलंग्रा से बेराधार
22 सितंबर: बेराधार से गोठिंड़ा
23 सितंबर: गोठिंड़ा से कुराड़
24 सितंबर: कुराड़ से ढुंगाखोली
25 सितंबर: ढुंगाखोली से भेटा होते हुए सिद्धपीठ देवराड़ा आगमन
देवराड़ा पहुंचने पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी और मां नंदादेवी की डोली को मंदिर के गर्भगृह में विराजमान किया जाएगा।