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उत्तराखंड: ₹4.37 करोड़ का हाईटेक ऑडिटोरियम 3 साल से बंद, उद्घाटन के इंतजार में धूल फांक रहे करोड़ों के उपकरण

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 4.37 करोड़ रुपये की लागत से बना आधुनिक ऑडिटोरियम नवंबर 2023 से तैयार होने के बावजूद बंद पड़ा है। उद्घाटन न होने से महंगे उपकरण और फर्नीचर खराब होने की आशंका बढ़ गई है।

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Image: gairsain-4-crore-auditorium-closed-no-inauguration-uttarakhand (Source: Social Media)

चमोली: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया अत्याधुनिक ऑडिटोरियम उद्घाटन के इंतजार में वर्षों से बंद पड़ा है। करीब 4.37 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह हाईटेक ऑडिटोरियम नवंबर 2023 में ही शिक्षा विभाग को सौंप दिया गया था, लेकिन आज तक इसका संचालन शुरू नहीं हो सका। नतीजतन करोड़ों की लागत से लगाए गए आधुनिक उपकरण, फर्नीचर और साउंड सिस्टम धूल फांक रहे हैं।

फफूंद और धूल से खराब हो रहे महंgairsain-4-crore-auditorium-closed-no-inauguration-uttarakhandगे उपकरण

गैरसैंण के महत्व को देखते हुए तत्कालीन त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने आधुनिक ऑडिटोरियम बनाने की घोषणा की थी। वर्ष 2020-21 में निर्माण कार्य शुरू हुआ और 2023 में पूरा होने के बाद कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम ने इसे नवंबर 2023 में शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर दिया। हालांकि, भवन पूरी तरह तैयार होने और सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद अब तक इसका उद्घाटन नहीं हुआ है। इसी कारण ऑडिटोरियम पर ताले लटके हैं और इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है।

फफूंद और धूल से खराब हो रहे महंगे उपकरण

लंबे समय से बंद रहने के कारण ऑडिटोरियम के भीतर लगी पुशबैक कुर्सियां, विशाल एलईडी स्क्रीन, ऑडियो-वीडियो सिस्टम, पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम, पोडियम, मैटिंग, महंगे पर्दे और साउंडप्रूफ दीवारें रखरखाव के अभाव में प्रभावित हो रही हैं। बरसात के मौसम में नमी और फफूंद के कारण इन उपकरणों के खराब होने की आशंका भी लगातार बढ़ रही है। आगे पढ़िए..

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250 दर्शकों की क्षमता वाला आधुनिक हॉल

राजकीय इंटर कॉलेज गैरसैंण परिसर में बने इस ऑडिटोरियम में लगभग 250 दर्शकों के बैठने की क्षमता है। बालकनी सहित तैयार यह हॉल आधुनिक तकनीक से लैस है और शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सरकारी कार्यक्रमों के आयोजन के लिए तैयार किया गया था।

तकनीकी कर्मचारी नहीं, इसलिए नहीं हो रहा उपयोग

विद्यालय के प्रधानाचार्य कलम सिंह कठायत का कहना है कि ऑडिटोरियम में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के संचालन के लिए विद्यालय के पास कोई प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। इसी वजह से फिलहाल इसका उपयोग शुरू नहीं किया गया है।

अधिकारियों ने दिए कार्रवाई के संकेत

खंड शिक्षा अधिकारी एनी नाथ ने बताया कि मामले से जिला स्तरीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और उच्च स्तर से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं उप जिलाधिकारी अबरार अहमद ने कहा कि शिक्षा विभाग से समन्वय कर जल्द ऑडिटोरियम का निरीक्षण किया जाएगा और इसे शुरू कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

नगर पंचायत ने कई बार की मांग

नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी ने बताया कि नगर पंचायत कई बार सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए ऑडिटोरियम उपलब्ध कराने की मांग कर चुकी है। विधानसभा बजट सत्र के दौरान भी संबंधित मंत्री को पत्र भेजकर जल्द उद्घाटन कराने का अनुरोध किया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बने इस ऑडिटोरियम का लंबे समय तक बंद रहना चिंता का विषय है और इसे जल्द आम जनता के उपयोग के लिए खोला जाना चाहिए।