उत्तराखंड देहरादूनAlleged 1cr 47 lakh Cooperative Fund Scam

उत्तराखंड: सहकारी परियोजना नैकाफ पर 1.47 करोड़ के गबन का आरोप, शिकायत के 5 दिन बाद भी नहीं हुआ केस दर्ज

उत्तराखंड की राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना से जुड़ी दो योजनाओं में नैकाफ पर 1.47 करोड़ रुपये के कथित गबन का आरोप लगा है। शिकायत के बावजूद पांच दिन तक मुकदमा दर्ज नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं।

Uttarakhand Cooperative Scam: Alleged 1cr 47 lakh Cooperative Fund Scam
Image: Alleged 1cr 47 lakh Cooperative Fund Scam (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड में राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के अंतर्गत संचालित दो महत्वपूर्ण योजनाओं को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। कार्यक्रम निदेशालय की ओर से दी गई शिकायत में नेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मर्स प्रोक्योरमेंट प्रोसेसिंग एंड रिटेलिंग कोऑपरेटिव्स ऑफ इंडिया लिमिटेड (नैकाफ) पर 1.47 करोड़ रुपये के कथित गबन का आरोप लगाया गया है।

Alleged ₹1.47 Crore Cooperative Fund Scam in Uttarakhand

शिकायत के अनुसार 2 जुलाई को नेहरू कॉलोनी थाने में लिखित तहरीर दी गई थी, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिकायत में कहा गया है कि किसानों और सहकारी समितियों को डिजिटल माध्यम से जोड़ने के उद्देश्य से ई-मार्केटिंग कोऑपरेटिव प्लेटफॉर्म (E-MCP) विकसित किया जाना था। इस परियोजना के लिए नौ सहकारी समितियों के माध्यम से लगभग 75.82 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए, लेकिन शिकायत के अनुसार पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी पोर्टल तैयार नहीं हुआ और परियोजना धरातल पर नहीं उतर सकी।

दूसरी योजना पर भी काम न होने का आरोप

शिकायत में टिहरी जिले की संयुक्त सहकारी खेती योजना का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि संबंधित बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति के लिए हैंडहोल्डिंग और परियोजना संचालन की जिम्मेदारी नैकाफ को सौंपी गई थी, जिसके लिए करीब 71.90 लाख रुपये दिए गए थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस योजना पर भी कोई प्रभावी कार्य नहीं किया गया।

कुल 1.47 करोड़ रुपये के कथित गबन का आरोप

दोनों योजनाओं को मिलाकर कुल 1.47 करोड़ रुपये के कथित गबन का आरोप लगाया गया है। शिकायत में संबंधित संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित संस्था की प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में प्राप्त शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।