रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे में शनिवार से शुरू हुआ निहंगों का विवाद रविवार को भी जारी रहा। प्रशासन और निहंगों के बीच तीन दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग पर अड़े निहंगों को मनाने के प्रयास जारी हैं। हालात को देखते हुए गुरुद्वारा परिसर में पुलिस, आईटीबीपी, एटीएस और अन्य सुरक्षा बल तैनात हैं, जबकि खुफिया एजेंसियां भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
Nihang Standoff Continues at Rudraprayag Gurudwara
रविवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने हालात को सामान्य करने के लिए कई प्रयास किए। एसपी नीहारिका तोमर ने करीब एक घंटे तक फोन पर निहंगों से बातचीत की, लेकिन वार्ता का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकल पाया। प्रशासन लगातार निहंगों को बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए मनाने में जुटा रहा, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
दो लोगों को बनाया था बंधक, एक अब भी कब्जे में
गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के बाबा बेहंत सिंह के अनुसार निहंग अपने साथ दो लोगों को लेकर गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिलों पर चढ़ गए थे। इनमें से एक व्यक्ति को शनिवार देर रात छोड़ दिया गया, जबकि एक सेवादार अब भी उनके कब्जे में होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन लगातार शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
सीसीटीवी तोड़े, पानी की सप्लाई रोकी, संपत्ति को पहुंचाया नुकसान
गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा बेहंत सिंह ने आरोप लगाया कि निहंगों ने गुरुद्वारे की छत पर चढ़ने के बाद कई सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति भी बाधित कर दी गई। उन्होंने बताया कि पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की घटनाओं में गुरुद्वारे की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। कई बार उन्हें शांतिपूर्वक नीचे उतरने और सुरक्षित पंजाब भेजने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।
इंटरनेट सेवा बंद, सोशल मीडिया पर भी निगरानी
घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने एहतियातन क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। इसके चलते संचार सेवाएं प्रभावित रहीं और देर शाम तक इंटरनेट बहाल नहीं किया गया। आगे पढ़िए..
ये भी पढ़ें:
प्रशासन का कहना है कि अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
पल-पल का घटनाक्रम
शनिवार शाम 4 बजे: सात निहंग दो लोगों को साथ लेकर गुरुद्वारे की तीसरी और चौथी मंजिल पर पहुंचे।
शनिवार शाम 5 बजे: गद्दे, रजाई और अन्य सामान लगाकर प्रवेश मार्ग अवरुद्ध किया गया।
शनिवार शाम 6 बजे: गुरुद्वारे के भीतर तनाव बढ़ने लगा।
शनिवार शाम 7 बजे: गुरुद्वारा प्रबंधन ने वार्ता की कोशिश की।
शनिवार रात 8 बजे: निहंगों ने जयकारे लगाने शुरू किए।
शनिवार रात 9 बजे: पुलिस और आईटीबीपी ने क्षेत्र की घेराबंदी की।
शनिवार रात 10 बजे: स्थानीय लोगों और निहंगों के बीच विवाद बढ़ा।
शनिवार रात 11 बजे: पेयजल आपूर्ति बाधित की गई।
शनिवार रात 12 बजे: कई बिजली के बल्ब तोड़े गए।
रविवार रात 2 बजे: दोबारा शोर-शराबा और छत की दीवार को नुकसान।
रविवार रात 3 बजे: गुरुद्वारे की टाइलें उखाड़ी गईं।
रविवार 3:30 से 5:30 बजे: सड़क और वाहनों पर पत्थरबाजी की गई।
रविवार सुबह 6 बजे: हालात कुछ हद तक शांत हुए।
रविवार शाम तक:- गुरुद्वारे में गतिरोध जारी रहा। सुरक्षा बलों की तैनाती बनी रही। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
घटना को देखते हुए पुलिस, आईटीबीपी, एटीएस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। प्रशासन का कहना है कि शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। फिलहाल सभी की नजर प्रशासन और निहंगों के बीच होने वाली अगली वार्ता पर टिकी हुई है।