अल्मोड़ा: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा विधायक महेश जीना के पुत्र करन जीना को जान से मारने और कथित रूप से अगवा करने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं और मामले को स्थानीय सियासी प्रतिद्वंद्विता से भी जोड़कर देखा जा रहा है। शिकायत के आधार पर राजस्व पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच के लिए मामला थाना पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस अब फोन कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है।
BJP MLA Mahesh Jeena’s Son Receives Death Threat Call
जानकारी के अनुसार सल्ट विधानसभा क्षेत्र से जुड़े सबोली गांव निवासी करन जीना ने शिकायत में बताया कि 7 जून की देर रात उनके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया। आरोप है कि कॉल करने वाले ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी। साथ ही यह भी कहा कि यदि क्षेत्र में किसी व्यक्ति पर भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाया गया तो उन्हें उठा लिया जाएगा। तहरीर के अनुसार कॉल करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि सल्ट क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और वह किसी भी स्थान से उन्हें उठा सकता है। करन जीना का कहना है कि बातचीत के दौरान आरोपी ने अपना नाम नहीं बताया, लेकिन खुद को कोटनाला क्षेत्र से जुड़ा व्यक्ति बताया। शिकायतकर्ता के अनुसार फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। आगे पढ़िए..
ये भी पढ़ें:
करन जीना ने अपनी शिकायत में खुद और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। घटना के बाद समर्थकों और स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल देखा जा रहा है। मामले में प्रभारी तहसीलदार के निर्देश पर राजस्व चौकी नैलवालपाली में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद जांच के लिए प्रकरण थाना पुलिस को भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान की जा रही है।
जांच में जुटी पुलिस
सल्ट थाना पुलिस के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। आगामी चुनावों को देखते हुए विभिन्न दलों की सक्रियता बढ़ी हुई है। ऐसे में विधायक के पुत्र को मिली धमकी ने राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।