उत्तरकाशी: Uttarkashi जिला मुख्यालय स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय के पीछे बनी कॉलोनी में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया।
Three Families Left Homeless After Massive Fire Breaks Out in Uttarkashi
जानकारी के अनुसार बीते शनिवार को रात करीब 11:45 बजे उत्तरकाशी जिले के जिला मुख्यालय स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय के पीछे बनी कॉलोनी में एक टीन शेड में अचानक आग भड़क उठी। जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर पूरे ढांचे को अपनी चपेट में ले लिया। घटना में वहां रह रहे तीन परिवारों का आशियाना और वर्षों की मेहनत से जुटाया गया घरेलू सामान जलकर राख हो गया। आग लगने की सूचना मिलते ही आपदा आपातकालीन परिचालन केंद्र सक्रिय हो गया। सूचना के बाद फायर सर्विस, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की क्यूआरटी टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद करवाई, ताकि करंट फैलने और आग के और अधिक बढ़ने का खतरा टाला जा सके। आगे पढ़िए..
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शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। लकड़ी और टीन से बने शेड में आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा ढांचा धू-धू कर जलने लगा। आग की चपेट में आने से शेड में रखा फर्नीचर, कपड़े, बर्तन, राशन और अन्य जरूरी घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें और धुएं का गुबार काफी दूर तक दिखाई दे रहा था, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी डुंडा और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। फायर सर्विस, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर आग को फैलने से रोका। लगातार प्रयासों के बाद रात करीब 1:30 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो आग आसपास के अन्य मकानों तक भी पहुंच सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।
तीन परिवार प्रभावित, लेकिन जनहानि नहीं
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी Shardul Gusain ने बताया कि आग से प्रभावित टीन शेड में तीन परिवार निवास कर रहे थे। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि नहीं हुई। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है, जबकि स्थानीय लोगों ने फायर सर्विस, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।