नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल में महिलाओं की निजता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नैनीताल रवि रंजन की अदालत ने महिला पर्यटक का बाथरूम में वीडियो बनाने के आरोपी होटल कर्मचारी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
Hotel Worker Jailed for Filming Woman Tourist in Nainital Bathroom
जानकारी के अनुसार, महिला अपने पति के साथ घूमने के लिए नैनीताल आई थी। दोनों ने होटल अरोमा में 13 अगस्त से 15 अगस्त 2022 तक के लिए कमरा नंबर 310 बुक कराया था। 15 अगस्त की सुबह महिला बाथरूम में नहा रही थी। नहाने के बाद जब वह कपड़े पहन रही थी, तभी उसकी नजर बाथरूम की खिड़की की तरफ गई। महिला ने देखा कि कोई व्यक्ति मोबाइल फोन से उसकी रिकॉर्डिंग कर रहा है। यह देखते ही महिला जोर से चिल्लाई और अपने पति को आवाज लगाई। इसके बाद दोनों ने होटल मैनेजर संदीप को मामले की जानकारी दी और तुरंत पुलिस को बुलाया।
CCTV फुटेज से आरोपी की पहचान
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने होटल के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में होटल कर्मचारी राहुल कुमार कॉमन कॉरिडोर से बाहर निकलता दिखाई दिया। फुटेज में यह भी नजर आया कि राहुल स्टाफ गैलरी से बाथरूम की तरफ गया और करीब पांच मिनट बाद वहां से भागता हुआ दिखा। पुलिस ने जब उसका मोबाइल फोन चेक किया तो उसमें रिकॉर्डिंग दिखाई नहीं दी। हालांकि अलग कमरे में पूछताछ के दौरान आरोपी ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करने की बात स्वीकार कर ली। आगे पढ़िए..
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महिला की तहरीर के आधार पर मल्लीताल थाने में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 354(ग) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी राहुल कुमार निवासी ग्राम रतखान, थाना लमगड़ा जिला अल्मोड़ा के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी को सुनवाई के लिए तलब किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से महिला, उसके पति, जांच अधिकारी उपनिरीक्षक पूजा मेहरा सहित कुल नौ गवाह पेश किए गए। इसके साथ ही दस्तावेजी साक्ष्य भी अदालत में प्रस्तुत किए गए। वहीं आरोपी ने खुद पर लगे आरोपों से इनकार किया, लेकिन कोर्ट ने सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर उसे दोषी करार दिया।
अदालत ने सुनाई सजा
दोषी ठहराए जाने के बाद आरोपी ने अदालत से नरमी बरतने की मांग की। उसने कहा कि यह उसका पहला अपराध है, वह परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य है और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। हालांकि अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को धारा 354(ग) के तहत एक साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर आरोपी को दो महीने की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी।
इस घटना ने एक बार फिर होटल और पर्यटन स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और निजता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि होटल स्टाफ की सख्त जांच और निगरानी बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।