उत्तराखंड देहरादूनUttarakhand Weather Update Heat to Increase as Western Disturbance Weakens

उत्तराखंड में बढ़ेगी भीषण गर्मी! पश्चिमी विक्षोभ की विदाई के साथ 40 डिग्री पार तक पहुंचेगा तापमान

Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ का असर अब खत्म होने की ओर है, जिसके चलते आने वाले दिनों में मौसम साफ रहेगा और तापमान तेजी से बढ़ेगा।

Uttarakhand weather update: Uttarakhand Weather Update Heat to Increase as Western Disturbance Weakens
Image: Uttarakhand Weather Update Heat to Increase as Western Disturbance Weakens (Source: Social Media)

देहरादून: उत्तराखंड समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम को प्रभावित करने वाले पश्चिमी विक्षोभ अब कमजोर पड़ने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार हाल ही में सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ अब समाप्ति की ओर है। इसके चलते आने वाले दिनों में मौसम साफ रहेगा और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि 19 और 23 मई के आसपास दो हल्के पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, लेकिन इनके प्रभाव बहुत ज्यादा नहीं रहने वाले हैं।

Uttarakhand Weather Update: Heat to Increase as Western Disturbance Weakens

राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार अगले सप्ताह प्रदेश में ज्यादातर समय मौसम साफ बना रहेगा। बारिश की गतिविधियां काफी कम हो जाएंगी और केवल पिथौरागढ़, बागेश्वर, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जैसे ऊंचाई वाले जिलों तक सीमित रह सकती हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी पड़ सकती है। खासतौर पर काशीपुर, पंतनगर और रुड़की जैसे इलाकों में 20 मई के आसपास तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। बढ़ती गर्मी के साथ उमस भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

क्या होता है पश्चिमी विक्षोभ?

पश्चिमी विक्षोभ एक मौसम प्रणाली है, जिसकी शुरुआत आमतौर पर नवंबर महीने से होती है और इसका असर अप्रैल या कभी-कभी मई तक बना रहता है। इसके कारण हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश होती है। यही सिस्टम ग्लेशियरों को पोषण देने और उत्तर भारत की नदियों में जल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सर्दियों में होने वाली यह बारिश रबी की फसलों के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। आगे पढ़िए..

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प्रदेश में अब अच्छी बारिश के लिए दक्षिण-पश्चिम मानसून का इंतजार किया जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की शुरुआत 22 मई के आसपास दक्षिण अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी से हो सकती है। सामान्य तौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंचता है और 20 जून के आसपास उत्तराखंड में प्रवेश करता है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव क्षेत्र

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है। अगले दो से तीन दिनों में इसके अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों तक सक्रिय होने की संभावना है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी उत्तराखंड में मानसून पहुंचने की सटीक तारीख का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर के समय तेज धूप से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। आने वाले दिनों में प्रदेश के मैदानी इलाकों में गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है।