पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के थलीसैंण ब्लॉक स्थित मरोड़ा ग्राम पंचायत की युवा ग्राम प्रधान विरमा (वीरा) रावत इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। वायरल वीडियो में गांव की प्रधान और एक बुजुर्ग व्यक्ति के बीच तीखी नोकझोंक दिखाई दे रही है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और इसे लेकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
Uttarakhand Young Woman Pradhan’s Video Goes Viral
वायरल वीडियो में ग्राम प्रधान विरमा रावत और गांव के एक बुजुर्ग व्यक्ति के बीच बहस होती दिखाई दे रही है। वीडियो में बुजुर्ग व्यक्ति ग्राम प्रधान के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए नजर आ रहा है। दोनों के बीच बातचीत काफी तीखी होती सुनाई देती है। ग्राम प्रधान ने बताया कि उन्होंने यह वीडियो खुद रिकॉर्ड किया था ताकि पूरे घटनाक्रम का सबूत मौजूद रहे और लोगों के सामने सच्चाई आ सके।
चरित्र को लेकर अफवाह फैलाने का आरोप
ग्राम प्रधान विरमा रावत का आरोप है कि संबंधित बुजुर्ग व्यक्ति उनके चरित्र को लेकर आसपास के क्षेत्रों में भ्रामक और गलत बातें फैला रहा था। उन्होंने इस संबंध में सीधे जाकर उस व्यक्ति से बात की। जब उन्होंने इस विषय पर सवाल किया तो बुजुर्ग व्यक्ति भड़क गया। आरोप है कि इसी दौरान उसने उनका हाथ पकड़कर खींचा और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। विरमा रावत ने बताया कि उन्होंने अपनी सुरक्षा और घटना का प्रमाण रखने के लिए वीडियो रिकॉर्ड किया। उनका कहना है कि वीडियो रिकॉर्ड करने का उद्देश्य केवल यह दिखाना था कि उनके खिलाफ किस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। घटना के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गया।
पुलिस तक पहुंचा मामला
घटना के बाद ग्राम प्रधान विरमा रावत ने थलीसैंण पुलिस को फोन के माध्यम से सूचना दी और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ शिकायती पत्र भी सौंपा। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को थलीसैंण थाने बुलाया। वहां बुजुर्ग व्यक्ति ने लिखित रूप से माफी मांगी। हालांकि, ग्राम प्रधान का आरोप है कि माफी मांगने के बाद भी उन्हें दोबारा धमकाने की कोशिश की गई। विरमा रावत ने बताया कि ग्राम प्रधान बनने के बाद उन्होंने गांव में शराबबंदी को लेकर सख्त फैसला लिया। उनका उद्देश्य गांव में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति को खत्म करना और गांव के विकास को नई दिशा देना था। उन्होंने कहा कि वह लगातार गांव के विकास कार्यों में जुटी हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग उनके चरित्र को लेकर गलत अफवाहें फैला रहे हैं, जो पूरी तरह निराधार हैं। आगे पढ़िए..
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उन्होंने आगे कहा कि वह गांव लौटकर अपने क्षेत्र को बेहतर बनाने का संकल्प लेकर आई थीं। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखकर महसूस होता है कि आज भी ग्रामीण समाज की सोच में बदलाव लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने का उद्देश्य लोगों के सामने सच्चाई रखना था ताकि सभी यह देख सकें कि उनके खिलाफ किस तरह की बातें फैलाई जा रही हैं।
कौन हैं विरमा रावत?
विरमा रावत उत्तराखंड की सबसे युवा महिला ग्राम प्रधानों में से एक हैं। उन्होंने साल 2025 में हुए उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पौड़ी गढ़वाल जिले के थलीसैंण ब्लॉक की मरोड़ा ग्राम पंचायत से जीत हासिल की थी। उनकी उम्र 24 वर्ष है। ग्राम प्रधान बनने से पहले वह दिल्ली में नौकरी करती थीं। लेकिन गांव की व्यवस्था सुधारने और गांव के विकास के लिए उन्होंने वापस गांव लौटने का फैसला लिया। प्रधान बनने के बाद विरमा रावत ने गांव में शराबबंदी लागू करवाने को अपना सबसे बड़ा फैसला बताया। इसके अलावा उन्होंने गांव में मोबाइल नेटवर्क की समस्या को दूर करने के लिए भी लगातार प्रयास किए। उनके प्रयासों के बाद जनवरी 2026 में मरोड़ा गांव को मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी की सुविधा मिली, जिससे गांव के लोगों को बड़ी राहत मिली।
सोशल मीडिया पर छाया मामला
वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। कई लोग ग्राम प्रधान के समर्थन में सामने आ रहे हैं, जबकि कुछ लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। फिलहाल यह मामला ग्रामीण समाज में महिलाओं की भागीदारी, सामाजिक सोच और गांव की राजनीति को लेकर नई बहस छेड़ता नजर आ रहा है।