उत्तराखंड हल्द्वानीDrug Abuse Rising Rapidly in Uttarakhand

उड़ता उत्तराखंड: नशे के सेवन में नंबर-1, NCRB की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

उत्तराखंड में नशे का संकट लगातार गहराता जा रहा है। NCRB रिपोर्ट के अनुसार राज्य में एक साल में NDPS एक्ट के तहत 1162 मामले दर्ज हुए हैं। पुलिस ने नशा करने वालों और तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई तेज कर दी है।

Uttarakhand drug abuse: Drug Abuse Rising Rapidly in Uttarakhand
Image: Drug Abuse Rising Rapidly in Uttarakhand (Source: Social Media)

हल्द्वानी: Uttarakhand में नशे का सेवन लगातार बढ़ता जा रहा है, जो अब गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। हालात ऐसे हैं कि राज्य में प्रतिदिन औसतन तीन लोगों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। एक वर्ष के भीतर उत्तराखंड में एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 1162 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 267 तस्करों के खिलाफ कार्रवाई हुई, जबकि 895 लोग नशे का सेवन करते हुए पकड़े गए।

Drug Abuse Rising Rapidly in Uttarakhand

देश के 10 पहाड़ी राज्यों में नशा और मादक पदार्थों की तस्करी तेजी से पैर पसार रही है। Haldwani की बात करें तो यहां नशे के आदी युवाओं द्वारा डबल मर्डर जैसी जघन्य घटनाओं को भी अंजाम दिया जा चुका है। फिलहाल आरोपी सलाखों के पीछे हैं। हालांकि तस्करी के मामलों में Himachal Pradesh के आंकड़े उत्तराखंड से अधिक बताए गए हैं।

NCRB रिपोर्ट में सामने आई चिंताजनक तस्वीर

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की वर्ष 2024 की रिपोर्ट में उत्तराखंड समेत कई पहाड़ी राज्यों में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों को लेकर चिंताजनक स्थिति सामने आई है। रिपोर्ट में कहीं नशे के सेवन के मामले बढ़ते दिखाई दे रहे हैं, तो कहीं मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क सक्रिय होते नजर आ रहे हैं।

नशे के इंजेक्शन से युवक को हुआ HIV

शुक्रवार को बनभूलपुरा क्षेत्र में पुलिस ने 24 वर्षीय युवक को 20 नशे के इंजेक्शनों के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह लंबे समय से नशे के इंजेक्शन का आदी है और इसी कारण वह दो बार जेल भी जा चुका है। युवक ने यह भी बताया कि नशे के इंजेक्शन के इस्तेमाल के चलते वह HIV संक्रमित हो गया है। पुलिस ने उसे एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेज दिया है।

बेटे की नशे की लत से परेशान बुजुर्ग पिता पहुंचे पुलिस के पास

Kathgodam थाना क्षेत्र में इसी महीने एक 72 वर्षीय बुजुर्ग पिता पुलिस के पास पहुंचे और अपने बेटे को जेल भेजने की गुहार लगाई। बुजुर्ग ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा नशे का आदी हो चुका है। जब परिवार उसे नशा करने से रोकता है, तो वह हिंसक हो जाता है। पिता का आरोप है कि बेटे ने उनका गला तक पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया। आगे पढ़िए..

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पहाड़ी राज्यों में NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामले

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के अनुसार पहाड़ी राज्यों में नशे और मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। Uttarakhand में एनडीपीएस एक्ट के तहत 1162 मामले दर्ज हुए, जिनमें 895 लोग नशे का सेवन करते पकड़े गए जबकि 267 मामले तस्करी से जुड़े थे। Himachal Pradesh में कुल 1715 मामले सामने आए, जिनमें 1292 तस्करी और 423 नशे के सेवन से संबंधित थे। Assam में सबसे अधिक 3335 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 1947 तस्करी और 1388 सेवन से जुड़े थे।
वहीं Arunachal Pradesh में 238, Manipur में 100, Mizoram में 340, Nagaland में 217, Sikkim में 33, Tripura में 470 और Meghalaya में 98 मामले दर्ज किए गए। इन आंकड़ों से साफ है कि पहाड़ी राज्यों में नशे का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है और यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।

पुलिस लगातार चला रही अभियान

Dr. Jagdish Chandra ने बताया कि पुलिस नशा करने वालों और तस्करों दोनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और रोजाना तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही लोगों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है, ताकि युवाओं को इस खतरे से बचाया जा सके।