उत्तराखंड देहरादूनDehradun Contractor Loses Crores in Facebook Investment Scam

Uttarakhand News: फेसबुक पर युवती से दोस्ती पड़ी भारी! ठेकेदार गंवा बैठा 1.20 करोड़ रुपए

Dehradun News: डोईवाला निवासी एक ठेकेदार फेसबुक पर हुई दोस्ती के बाद साइबर ठगों के जाल में फंस गया। निवेश के नाम पर उसे भारी मुनाफे का लालच देकर करीब 1.20 करोड़ रुपये ठग लिए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

.Dehradun cyber fraud: Dehradun Contractor Loses  Crores in Facebook Investment Scam
Image: Dehradun Contractor Loses Crores in Facebook Investment Scam (Source: Social Media)

देहरादून: Dehradun के डोईवाला क्षेत्र से साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक ठेकेदार फेसबुक पर हुई दोस्ती के बाद करोड़ों रुपये की ठगी का शिकार हो गया। पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि फेसबुक पर उसकी दोस्ती एक युवती से हुई, जिसने धीरे-धीरे भरोसा जीतकर उसे निवेश के नाम पर बड़े जाल में फंसा लिया।

Dehradun Contractor Loses ₹1.20 Crore in Facebook Investment Scam

पीड़ित के अनुसार जुलाई 2025 में उसे “सरोज मिश्रा” नाम की युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। ठेकेदार ने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली, जिसके बाद फेसबुक मैसेंजर पर बातचीत शुरू हो गई। कुछ समय बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और फिर व्हाट्सएप पर चैटिंग शुरू हो गई। कथित युवती ने खुद को बेंगलुरु निवासी बताया। बातचीत के दौरान युवती ने पीड़ित को “रियो चेन” नाम के एक निवेश प्लेटफॉर्म के बारे में जानकारी दी। उसने दावा किया कि इस प्लेटफॉर्म से उसे लाखों रुपये का फायदा हुआ है। भरोसा दिलाने के लिए युवती ने देवराज प्रताप नाम के व्यक्ति का संपर्क नंबर भी दिया। इसके बाद पीड़ित को एक लिंक भेजकर प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराया गया।

पहले दिखाया मुनाफा, फिर लगवाए करोड़ों रुपए

लालच में आए ठेकेदार ने 13 जुलाई 2025 को 10 हजार रुपये से निवेश की शुरुआत की। शुरुआती निवेश पर उसे करीब एक हजार रुपये का मुनाफा दिखाया गया। इसी भरोसे में आकर पीड़ित ने जुलाई 2025 से फरवरी 2026 तक करीब आठ महीनों में अलग-अलग तारीखों पर कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपये निवेश कर दिए। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तो साइबर ठगों ने और पैसे जमा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़ित के मुताबिक उसे बताया गया कि उसकी फाइल RBI अधिकारियों के पास भेजी गई है। इसके बाद कथित फ्रॉड मैनेजर अंशुल वर्मा ने फोन कर कहा कि पैसा जीएसटी के दायरे में आता है और रकम निकालने के लिए 18 प्रतिशत GST जमा करना होगा। आगे पढ़िए..

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पीड़ित को जब पूरे मामले पर शक हुआ, तो उसने अतिरिक्त रकम देने से मना कर दिया। इसके बाद साइबर ठगों ने उसके फोन उठाने बंद कर दिए। तब जाकर ठेकेदार को एहसास हुआ कि वह एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुका है।

पुलिस कर रही बैंक खातों की जांच

Ajay Singh ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि जिन बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर की गई है, उनकी जांच की जा रही है और साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। साइबर पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने और बिना जांच-पड़ताल के किसी भी निवेश प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने से बचने की अपील की है। विशेषकर ऑनलाइन मुनाफे के लालच में आने से पहले प्लेटफॉर्म की सत्यता जांचने की सलाह दी गई है।