उधमसिंह नगर: कभी अंधेरी गलियों और असमतल रास्तों के कारण डर का माहौल झेलने वाला "नगरा तराई" गांव आज विकास की रोशनी में नहाया हुआ है। पहले जहां रात में घर से बाहर निकलना भी जोखिम भरा होता था, वहीं अब सोलर स्ट्रीट लाइट्स की चमक से पूरा गांव सुरक्षित और रोशन दिखाई देता है।
Nagra Tarai Village Emerges as a Model Rural Transformation
गांव की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। पहले के ऊबड़-खाबड़ रास्ते अब मजबूत पक्की सड़कों में तब्दील हो गए हैं। शौच के लिए जंगल या खेतों का सहारा लेने की जरूरत खत्म हो चुकी है, क्योंकि हर घर में शौचालय की सुविधा है। नगरा तराई अब 100 प्रतिशत खुले में शौच से मुक्त (ODF) गांव बन चुका है और साफ-सफाई इसकी पहचान बन गई है।
शिक्षा और संस्कृति का अनूठा संगम
नगरा तराई को “संस्कृत ग्राम” के रूप में भी पहचान मिली है। यहां बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विद्यालयों में बेहतर भवन, अतिरिक्त कक्षाएं और पुस्तकालय जैसी सुविधाएं शिक्षा के स्तर को मजबूत बना रही हैं। गांव का यह परिवर्तन किसी एक दिन की देन नहीं है, बल्कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीणों की भागीदारी का परिणाम है। सोलर लाइट्स के अलावा गांव के विभिन्न स्थानों पर सीमेंट की बेंच लगाई गई हैं, जिससे लोगों को बैठने और आराम करने की सुविधा मिली है।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता गांव
नगरा तराई अब आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रहा है। निर्माणाधीन बहुउद्देशीय भवन में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके अलावा, मिनी राइस मिल के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और गांव की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते
गांव के युवाओं को अब रोजगार के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हो रही है। मत्स्य पालन विभाग की मदद से उन्हें सजावटी मछली पालन के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे उनकी आय बढ़ी है और गांव में रोजगार की नई संभावनाएं विकसित हुई हैं। गांव में स्थापित आधुनिक व्यायामशाला युवाओं को फिट रहने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रही है। इससे गांव में एक सकारात्मक और स्वस्थ वातावरण विकसित हो रहा है।
पर्यटन की दिशा में उभरता गांव
प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर नगरा तराई अब पर्यटन के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रहा है। कालापुल से लोहियाहेड मार्ग पर बन रहा मां पूर्णागिरि मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है, जिससे गांव के विकास को नई दिशा मिल रही है।
नगरा तराई अब केवल एक गांव नहीं, बल्कि विकास का एक उदाहरण बन चुका है। यह दिखाता है कि सही सोच, योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन और लोगों की भागीदारी से किसी भी क्षेत्र की तस्वीर बदली जा सकती है। यह गांव अब अन्य गांवों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है।