देहरादून: उत्तराखंड में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े काम अब काफी आसान होने जा रहे हैं। परिवहन विभाग अगले दो हफ्तों के भीतर “आधार-बेस्ड वेरिफिकेशन” सुविधा शुरू करने की तैयारी में है। इसके लागू होने के बाद लोगों को आरटीओ और एआरटीओ कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और कई सेवाएं घर बैठे ही पूरी की जा सकेंगी।
Uttarakhand to Launch Aadhaar-Based Driving License Services
नई व्यवस्था लागू होने के बाद आवेदक मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए ड्राइविंग लाइसेंस का रिन्युअल, नाम या पता परिवर्तन और डुप्लीकेट लाइसेंस प्राप्त करने जैसे काम आसानी से कर सकेंगे। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। अब तक ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भी दस्तावेज सत्यापन, फोटो और बायोमेट्रिक के लिए कार्यालय जाना अनिवार्य था। कई बार सर्वर की समस्या या भीड़ के कारण पूरा दिन बर्बाद हो जाता था। नई प्रणाली में आधार आधारित ओटीपी वेरिफिकेशन से आवेदक की पहचान स्वतः सत्यापित हो जाएगी और कार्यालय जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
आवेदन करने के लिए परिवहन विभाग के सारथी पोर्टल पर जाना होगा। यहां संबंधित सेवा का चयन कर आवेदन फॉर्म भरना होगा और फीस जमा करनी होगी। इसके बाद आधार नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करना होगा। सत्यापन पूरा होने के बाद आवेदन सीधे विभाग तक पहुंच जाएगा। आगे पढ़िए..
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नई व्यवस्था के तहत लाइसेंस बनने के बाद इसे कोरियर के माध्यम से सीधे आवेदक के घर भेजा जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग निजी कोरियर कंपनियों के साथ समझौता करने की तैयारी कर रहा है, जिससे समय पर डिलीवरी सुनिश्चित हो सके। आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन रियल-टाइम में ट्रैक भी कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को बार-बार कार्यालय जाकर जानकारी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि लर्निंग लाइसेंस और परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ड्राइविंग टेस्ट अभी भी अनिवार्य रहेगा। इसलिए नए लाइसेंस बनवाने वाले आवेदकों को आरटीओ कार्यालय जाकर टेस्ट देना होगा।
आधार आधारित सत्यापन की प्रक्रिया
अपर परिवहन आयुक्त एस.के. सिंह ने बताया कि आधार आधारित सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े अधिकतर काम घर बैठे किए जा सकेंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।