देहरादून: Dehradun में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस घटना का सबसे ज्यादा असर उसके छोटे भाई माइकल चकमा पर पड़ा है। अपने सामने बड़े भाई की बेरहमी से हत्या होते देख माइकल इस कदर खौफजदा हो गया कि उसने देहरादून में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और वापस Tripura लौट गया।
Angel Chakma's brother left Dehradun
मृतक एंजेल के पिता तरुण प्रसाद, जो बीएसएफ में हेड कांस्टेबल हैं, ने बताया कि उनके दोनों बेटे देहरादून में रहकर अपना भविष्य संवार रहे थे। माइकल प्रेमनगर क्षेत्र की एक निजी यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्र की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन इस घटना के बाद वह मानसिक रूप से इतना टूट गया कि उसने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। त्रिपुरा लौटने के बाद से वह बेहद गुमसुम रहने लगा है और लोगों से बातचीत भी कम कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब हो कि 9 दिसंबर 2025 की रात सेलाकुई में एंजेल चकमा पर चाकू से हमला किया गया। आरोप है कि नस्लीय टिप्पणी का विरोध करने पर उसे निशाना बनाया गया। घटना के तीन दिन बाद, 12 दिसंबर को पुलिस ने केस दर्ज किया, लेकिन शुरुआत में हल्की धाराएं लगाई गईं। हमले के बाद एंजेल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 17 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद 25 दिसंबर की आधी रात उसने दम तोड़ दिया। इस दौरान नॉर्थ ईस्ट एसोसिएशन के सक्रिय होने के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज हुई। आगे पढ़िए..
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पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इस लचर रवैये का गहरा असर माइकल की मानसिक स्थिति पर पड़ा है। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कार्रवाई होती, तो शायद हालात अलग हो सकते थे। इस मामले का मुख्य आरोपी अज्ञ अवस्थी वारदात के बाद से फरार है और बताया जा रहा है कि वह Nepal भाग गया है। पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। इसके साथ ही ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया चल रही है। केंद्रीय एजेंसियों की ओर से मांगी गई जानकारी को अपडेट कर दोबारा भेजा गया है।
जल्द ही पूरी होगी कानूनी प्रक्रिया
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा कि एसपी देहात के पर्यवेक्षण में मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को नेपाल से प्रत्यर्पित कर देहरादून लाया जाएगा।
एंजेल के पिता ने जताई पीड़ा
एंजेल के पिता तरुण प्रसाद, जो त्रिपुरा में बांग्लादेश सीमा पर तैनात हैं, ने कहा कि इस असहनीय दर्द के बावजूद वह अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी नहीं छोड़ी है और मुझे उम्मीद है कि देश मुझे न्याय दिलाएगा।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी के अब तक न पकड़े जाने से उनका पुलिस की कार्रवाई पर भरोसा कमजोर हो गया है।