देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी Dehradun से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एटीएस कॉलोनी के निवासियों को परेशान करने के आरोप में बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर पुलिस ने गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो जिला बदर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
Dehradun Builder Booked Under Goonda Act
Dehradun की एटीएस कॉलोनी के निवासियों का आरोप है कि संबंधित बिल्डर लंबे समय से क्षेत्र में मनमानी और दबंगई कर रहा है। लोगों के अनुसार, उस पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने, अवैध निर्माण कराने और स्थानीय लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करने जैसे कई आरोप पहले भी लग चुके हैं। इसके बावजूद अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बनी हुई थी।
मारपीट और धमकी की घटनाएं
दरअसल. हाल ही में कॉलोनी में रहने वाले एक वैज्ञानिक दंपती के साथ मारपीट का मामला सामने आया, जिसमें पीड़ित के कान का पर्दा फटने तक की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी कॉलोनी अध्यक्ष के साथ मारपीट, त्योहारों के दौरान बच्चों को धमकाने और गाली-गलौज करने जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। कॉलोनी वासियों का आरोप है कि आरोपी अक्सर तेज रफ्तार में वाहन चलाकर बच्चों और अन्य लोगों को डराता है। बिना किसी वजह के गाली-गलौज करना और लोगों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना उसकी आदत बन चुकी है। इन घटनाओं के चलते कॉलोनी में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के बीच डर का माहौल बना हुआ है और लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।आगे पढ़िए..
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पुलिस पर भी उठे सवाल
स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि वे कई बार पुलिस और प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आरोपी की कथित पहुंच के कारण उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई। कुछ लोगों का कहना है कि विरोध करने वालों के खिलाफ उल्टा काउंटर केस दर्ज कराए गए, जिससे लोगों में और ज्यादा असंतोष बढ़ा।
लगातार शिकायतों और बढ़ते दबाव के बाद अब जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर पुलिस ने मामले में सख्ती दिखाते हुए गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि यदि आरोपी निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं देता है, तो उसे जिला बदर किया जा सकता है।
कई धाराओं में मुकदमा दर्ज
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि आम जनता, विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और असहाय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कानून को अपने हाथ में लेने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। बताया गया कि संबंधित बिल्डर के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 351(2), 352, 74, 126(2), 324(4) और 447 के तहत चार मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी बिल्डर लगातार किसी न किसी विवाद में शामिल रहा है।
जन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने मामले का संज्ञान लिया है और बिल्डर के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे जिला बदर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।