रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार एक नया वैकल्पिक मोटर मार्ग विकसित करने जा रही है। यह टू-लेन सड़क चुन्नी बैंड से कालीमठ होते हुए सोनप्रयाग तक जाएगी। इस मार्ग के बनने से श्रद्धालुओं को केदारनाथ जाने के लिए एक अतिरिक्त रास्ता मिलेगा, जिससे यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित हो सकेगी।
Government Approves New double lane road to Kedarnath Dham
यह नया मार्ग खासतौर पर आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। अगर किसी कारणवश मुख्य मार्ग बाधित होता है, तो इस वैकल्पिक मार्ग के जरिए श्रद्धालुओं को चौमासी गांव तक सुरक्षित निकाला जा सकेगा। केदारनाथ क्षेत्र फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिए संवेदनशील माना जाता है।
साल 2013 में आई भीषण आपदा के दौरान मुख्य मार्ग के बाधित हो जाने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु फंस गए थे। इस घटना के बाद से ही वैकल्पिक मार्ग की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या से दबाव
केदारनाथ यात्रा में हर दिन लगभग 40 से 50 हजार श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे वर्तमान मार्ग पर भारी दबाव रहता है। हर साल 15 से 20 लाख लोग इस धाम के दर्शन करने आते हैं। ऐसे में एक अतिरिक्त मार्ग का निर्माण बेहद जरूरी हो गया था। पिछले कुछ वर्षों में केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। वर्ष 1990 में जहां करीब 1.17 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे, वहीं 2023 में यह संख्या बढ़कर लगभग 19.61 लाख हो गई। 2025 में भी करीब 17.70 लाख श्रद्धालु यहां पहुंचे, जो इस यात्रा की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। आगे पढ़िए..
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कैसा होगा प्रस्तावित रूट
प्रस्तावित मार्ग की कुल लंबाई लगभग 23 किलोमीटर होगी। यह मार्ग कुंड के पास चुन्नी बैंड से शुरू होकर कालीमठ और चौमासी होते हुए सोनप्रयाग तक पहुंचेगा। इस मार्ग के बनने से यात्रियों को सोनप्रयाग पहुँचने के लिए दो विकल्प मिल सकेंगे। इस सड़क को आधुनिक तकनीकों के साथ विकसित किया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में रिटेनिंग वॉल और ब्रेस्ट वॉल बनाई जाएंगी, जबकि ढलानों को स्थिर करने के लिए विशेष इंजीनियरिंग उपाय किए जाएंगे। इसके साथ ही बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, सुरक्षा बैरियर, पैरापेट और हैंडरेल जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत दो सुरंगों का निर्माण है। चौमासी से सोनप्रयाग के बीच बनने वाली इन सुरंगों की लंबाई लगभग 7-7 किलोमीटर होगी, यानी कुल 14 किलोमीटर का टनल सेक्शन तैयार किया जाएगा। इससे यात्रा की दूरी कम होगी और घुमावदार रास्तों से राहत मिलेगी। साथ ही, बारिश, बर्फबारी और भूस्खलन के दौरान भी ऑल-वेदर कनेक्टिविटी बनी रहेगी।
इमरजेंसी कॉरिडोर के रूप में उपयोग
इस मार्ग को सिर्फ सामान्य यातायात के लिए ही नहीं, बल्कि आपातकालीन स्थिति में निकासी मार्ग के रूप में भी विकसित किया जाएगा। इससे किसी भी संकट की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
इस परियोजना से स्थानीय ग्रामीणों, खच्चर संचालकों और पर्यटन से जुड़े लोगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।
लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडेय ने बताया कि केदारनाथ के लिए नए वैकल्पिक मार्ग को मंजूरी मिल चुकी है और इस पर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आपदा के समय बड़ी राहत प्रदान करेगी।के समय बने