उत्तराखंड उत्तरकाशीIAF Fighter Jets Roar Over Uttarkashi Skies Amid Routine Military Exercise

गढ़वाल के इस जिले में गरज रहे वायुसेना के फाइटर जेट, हवाई अड्डे को बनाया जाएगा एडवांस लैंडिंग ग्राउंड

Uttarkashi में इन दिनों वायुसेना के लड़ाकू विमान आसमान में उड़ान भरते नजर आ रहे हैं। यह कोई आपात स्थिति नहीं बल्कि नियमित सैन्य अभ्यास का हिस्सा है, जिससे इलाके में रोमांच का माहौल बना हुआ है।

Uttarkashi fighter jets: IAF Fighter Jets Roar Over Uttarkashi Skies Amid Routine Military Exercise
Image: IAF Fighter Jets Roar Over Uttarkashi Skies Amid Routine Military Exercise (Source: Social Media)

उत्तरकाशी: Uttarkashi के आसमान में इन दिनों Indian Air Force के लड़ाकू विमान लगातार गर्जना कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से शहर के ऊपर एक से दो फाइटर जेट नियमित रूप से उड़ान भरते नजर आ रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में रोमांच और उत्सुकता का माहौल बना हुआ है।

IAF Fighter Jets Roar Over Uttarkashi Skies Amid Routine Military Exercise

सैन्य सूत्रों के अनुसार यह कोई असामान्य गतिविधि नहीं है, बल्कि वायुसेना का नियमित अभ्यास है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में वायुसेना समय-समय पर इस तरह की ट्रेनिंग करती है। उत्तरकाशी की भौगोलिक स्थिति इसे रणनीतिक रूप से अहम बनाती है, इसलिए यहां इस प्रकार के अभ्यास जारी रहते हैं।

चिन्यालीसौड़ एयरपोर्ट की भूमिका

इस अभ्यास में Chinyalisaur Airport की अहम भूमिका है। वायुसेना इस एयरपोर्ट को एडवांस लैंडिंग ग्राउंड के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। अब तक यहां MI-17, Apache हेलीकॉप्टर, Hercules विमान और AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट जैसे सैन्य विमान सफलतापूर्वक उतारे जा चुके हैं, जिससे इसकी सामरिक उपयोगिता साबित होती है। हालांकि वर्तमान में इस हवाई अड्डे का रनवे पर्याप्त लंबा नहीं है, जिसके कारण लड़ाकू विमान यहां लैंड नहीं कर पाते। इसी वजह से वायुसेना अपने अन्य एयरबेस से फाइटर जेट को टेकऑफ कराकर उत्तरकाशी के खुले आसमान में अभ्यास करवा रही है। आगे पढ़िए..

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विस्तार की योजना से बढ़ेगी क्षमता

चिन्यालीसौड़ एयरपोर्ट के विस्तार की योजना भी प्रस्तावित है, जिसमें रनवे को लगभग 150 मीटर तक बढ़ाने की बात कही गई है। यदि यह विस्तार पूरा होता है, तो भविष्य में यहां लड़ाकू विमानों की लैंडिंग भी संभव हो सकेगी, जिससे क्षेत्र की सामरिक क्षमता और मजबूत होगी।
Uttarkashi में वायुसेना के लड़ाकू विमानों की गतिविधि किसी खतरे का संकेत नहीं, बल्कि नियमित सैन्य अभ्यास का हिस्सा है। आने वाले समय में यदि Chinyalisaur Airport का विस्तार होता है, तो यह क्षेत्र और भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बन सकता है। आसमान में उड़ते फाइटर जेट और उनकी तेज आवाज ने स्थानीय लोगों में उत्साह और रोमांच पैदा कर दिया है। लोग इसे एक अनोखा अनुभव मान रहे हैं और अपने क्षेत्र की बढ़ती सामरिक अहमियत पर गर्व महसूस कर रहे हैं।