उत्तराखंड हरिद्वारHaridwar Cow Slaughter Allegations Against Local Leader

Uttarakhand: उत्तराखंड में गाय की हत्या कर दावत में परोसा मांस, शक के घेरे में BJP नेता; आंदोलन की चेतावनी

Haridwar के लाठरदेवा शेख गांव में कथित गो-कशी मामले में नया मोड़ आया है। ग्रामीणों ने एक स्थानीय BJP नेता अनीस गौड़ पर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद पुलिस ने जांच दोबारा शुरू कर दी है।

Haridwar cow slaughter: Haridwar Cow Slaughter Allegations Against Local Leader
Image: Haridwar Cow Slaughter Allegations Against Local Leader (Source: Social Media)

हरिद्वार: रुड़की क्षेत्र के लाठरदेवा शेख गांव में तीन महीने पहले नाले से गोवंश के अवशेष मिलने का मामला अब फिर चर्चा में है। तब पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन कोई ठोस गिरफ्तारी नहीं हो सकी।

Haridwar Cow Slaughter Allegations Against Local Leader

ग्रामीणों का दावा है कि गांव में एक शादी समारोह के दौरान 10 से अधिक गायों की हत्या की गई और कथित रूप से उसका मांस दावत में परोसा गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही संभव है। ग्रामीणों ने भारतीय जनता पार्टी के एक स्थानीय प्रभावशाली नेता अनीस गौड़ पर इस पूरे मामले में संलिप्तता के आरोप लगाए हैं। आपको बता दें कि अनीस गौड़ भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष हैं, इसलिए यह भी कहा जा रहा है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते मामला दबाया गया। आगे पढ़िए...

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धार्मिक संगठनों में आक्रोश

घटना को लेकर विभिन्न संगठनों ने नाराजगी जताई है। इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा मुद्दा बताया जा रहा है और सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। हिंदू सेना ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच नए सिरे से शुरू की है। पुलिस पुराने साक्ष्यों की समीक्षा और नए इनपुट के आधार पर कार्रवाई करने की बात कह रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

कानूनी पहलू: उत्तराखंड में सख्त कानून

उत्तराखंड में गो-हत्या पर सख्त कानून लागू हैं। गौवंश संरक्षण अधिनियम के तहत कठोर सजा का प्रावधान है और दोषी पाए जाने पर लंबी जेल और जुर्माना संभव है। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव रहता है।

उठ रहे बड़े सवाल

क्या सच में मामला दबाया गया था? क्या जांच में नए तथ्य सामने आएंगे? आरोपों में कितनी सच्चाई है? हरिद्वार का यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था, राजनीति और सामाजिक संवेदनाओं से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है।