टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक अहम कदम उठाया गया है। Tehri Lake में मंगलवार को सी-प्लेन का सफल ट्रायल किया गया। इस ट्रायल के बाद राज्य में एयर-टूरिज्म को लेकर नई संभावनाएं खुलती नजर आ रही हैं। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग इस पहल को लेकर काफी उत्साहित दिखाई दे रहे हैं।
Seaplane Trial Successfully Conducted at Tehri Lake
इससे पहले Rishikesh में भी सी-प्लेन संचालन को लेकर प्रयास किए गए थे। अब टिहरी झील में ट्रायल सफल होने के बाद यह साफ हो गया है कि राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों को भी हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ा जा सकता है। इससे टिहरी को एक नए पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम तेज होगा।
अगले कुछ दिनों तक होंगे ट्रायल
जिला पर्यटन अधिकारी एसएस राणा के अनुसार, टिहरी झील में अगले दो से तीन दिनों तक लगातार सी-प्लेन के ट्रायल किए जाएंगे। इन ट्रायल्स के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि यहां नियमित रूप से सी-प्लेन सेवा शुरू की जा सकती है या नहीं। यदि सभी परीक्षण सफल रहते हैं, तो जल्द ही पर्यटकों के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। आगे पढ़िए..
ये भी पढ़ें:
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
अगर टिहरी झील में सी-प्लेन सेवा नियमित रूप से शुरू होती है, तो इससे राज्य के पर्यटन क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। टिहरी झील एक प्रमुख एडवेंचर और एयर-टूरिज्म हब के रूप में विकसित हो सकती है। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। होटल, ट्रैवल और अन्य संबंधित व्यवसायों को भी इसका फायदा मिलेगा।
एयर-टूरिज्म की ओर बढ़ता उत्तराखंड
सी-प्लेन सेवा के जरिए दूरस्थ और खूबसूरत स्थानों तक पहुंच आसान हो जाती है। यह पर्यटकों को एक अलग और रोमांचक अनुभव प्रदान करता है। टिहरी झील में सफल ट्रायल इस बात का संकेत है कि उत्तराखंड अब एयर-टूरिज्म के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अब सभी की नजर अगले कुछ दिनों में होने वाले ट्रायल्स पर टिकी है। यदि ये ट्रायल सफल रहते हैं, तो जल्द ही टिहरी झील में नियमित सी-प्लेन सेवा शुरू हो सकती है, जिससे राज्य के पर्यटन को एक नई पहचान मिल सकती है।