उत्तराखंड खटीमाchild drowned in a pit in Khatima

Uttarakhand news: उत्तराखंड से दुखद खबर, 3 बेटियों के बाद मन्नत से मिला बेटा; मंदिर से लौटते ही हुई मौत

Uttarakhand news: घर में मन्नत पूरी होने पर पूजा-पाठ किया तो खुशी का माहौल था, लेकिन बाद में परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।

Khatima Adarsh ​​death: child drowned in a pit in Khatima
Image: child drowned in a pit in Khatima (Source: Social Media)

खटीमा: जरा सोचिए उन मा-पिता पर क्या बीत रही होगी, जिन्होंने भगवान से मन्नतें मांगी थी और तब जाकर उन्हें बेटा नसीब हुआ। लेकिन एक बड़ी लापरवाही ने घर के इकलौते बेटे को मां-पिता से छीन लिया।

Child drowned in a pit in Khatima

जी हां ये दुखद खबर उत्तराखंड के खटीमा से है। यहां अमित अपने परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने और उनकी पत्नी पुष्पा ने कुछ साल पहले तारकनाथ मंदिर में मन्नत मांगी थी कि उन्हें बेटा हो। घर में बेटा हुआ तो माता-पिता खुशी से फूले नहीं समाए। मन्नत पूरी हुई तो माता-पिता ने शिवलिंग में जलाभिषेक किया। दोपहर तक खुशी का माहौल था, लेकिन शाम आते-आते ऐसा होगा, किसी ने सोचा नहीं था। दो साल का आदर्श अक्सर पड़ोस में खेलने जाता था। मंगलवार शाम को भी मंदिर से लौटने के बाद वो पड़ोसियों के घर खेलने गया। इसके बाद आदर्श घर वापस नहीं लौटा। आगे पढ़िए..

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घर में मन्नत पूरी होने पर पूजा-पाठ किया तो खुशी का माहौल था लकिन बाद में परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। मासूम आदर्श की पड़ोसी के सोखता गड्ढे में गिरकर डूबने से मौत हो गई। माता-पिता की चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। गड्ढे में मासूम आदर्श अचेत हालत में पड़ा था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन काफी देर हो गई थी। जिस बच्चे के लिए सुबह पूजा-पाठ किया। शाम को उसी मासूम की अर्थी उठाने की नौबत आ गई। ऐसे में अब खुले गड्ढों पर भी सवाल उठना लाजिमी है। आखिर कब तक ये मौत के गड्ढे मौसूमों की मौत की वजह बनेंगे?