उत्तराखंड उत्तरकाशीLake Near Harsil Raises Flood Risk Concerns

Uttarakhand: उत्तराखंड में बड़ी आपदा का खतरा, भागीरथी नदी पर बनी झील ने दिया अल्टीमेटम

उत्तराखंड के हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी में बनी झील लगातार खतरा बनी हुई है। आपदा के नौ महीने बाद भी जलस्तर कम नहीं हुआ और उचित निकासी व्यवस्था न होने के कारण पानी वापस झील में जा रहा है।

Harsil lake danger: Lake Near Harsil Raises Flood Risk Concerns
Image: Lake Near Harsil Raises Flood Risk Concerns (Source: Social Media)

उत्तरकाशी: उत्तराखंड के हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी में पिछले साल आई आपदा के दौरान बनी झील अब भी खतरे का संकेत दे रही है। नौ महीने बीत जाने के बाद भी झील का जलस्तर कम नहीं हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है।

Lake Near Harsil Raises Flood Risk Concerns

उत्तरकाशी के हर्षिल में बनी यह झील आने वाले समय में गंभीर आपदा का रूप ले सकती है, खासकर मानसून के दौरान। यदि समय रहते उचित जल निकासी और स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो यह स्थिति पूरे क्षेत्र के लिए भारी संकट बन सकती है। सिंचाई विभाग ने भागीरथी नदी को चैनलाइज करने का काम तो किया, लेकिन यह योजना सही तरीके से लागू नहीं हो पाई। नतीजतन, झील से पानी बाहर निकलने के बजाय वापस उसी में लौट रहा है। नदी के मुहाने पर मलबा जमा होने से पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि आने वाले मानसून में तेलगाड नदी के उफान पर आने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। नदी किनारे जमा मलबा बहाव को रोक सकता है, जिससे जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और हर्षिल कस्बा खतरे में पड़ सकता है। आगे पढ़िए..

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स्थानीय लोगों की चेतावनी

स्थानीय निवासी जैसे पूर्व प्रधान बसंती नेगी, शीशपाल सिंह और गोविंद सचिन राणा का कहना है कि झील लगभग एक किलोमीटर तक फैली हुई है। उनका आरोप है कि विभाग ने केवल औपचारिकता निभाई है और स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

विभाग का पक्ष

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सचिन सिंघल का कहना है कि झील को नियंत्रित करने के लिए नदी को चैनलाइज किया गया है और अन्य सुरक्षात्मक कार्य भी किए जा रहे हैं। हालांकि, स्थानीय लोग इन दावों से संतुष्ट नहीं हैं।