पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी की एक गर्भवती किशोरी को हालत बिगड़ने पर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रसव पीड़ा से कराह रही किशोरी की जब जांच की गई, तो वह करीब नौ माह की गर्भवती पाई गई।
Minor Girl Found 9-Month Pregnant in Pithoragarh
अस्पताल प्रशासन ने जब किशोरी के दस्तावेजों की जांच की, तो उसकी जन्मतिथि 2011 सामने आई। इससे स्पष्ट हुआ कि वो अभी 14 साल की नाबालिग है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि किशोरी का विवाह करीब एक साल पहले, महज 13 साल की उम्र में कर दिया गया था। यह विवाह गुपचुप तरीके से हुआ था। मामले की पुष्टि होते ही पुलिस ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। आगे पढ़िए
POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज
पुलिस ने किशोरी के पति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही बाल विवाह से जुड़ी अन्य धाराएं भी जांच के बाद जोड़ी जाएंगी। पुलिस को यह भी शक है कि किशोरी का पति भी नाबालिग हो सकता है। फिलहाल दस्तावेजों की जांच की जा रही है और परिजन स्पष्ट जानकारी देने से बच रहे हैं।
पारिवारिक हालात भी बने वजह
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि किशोरी का पारिवारिक माहौल काफी जटिल रहा है। करीब चार साल पहले उसकी मां ने दूसरा विवाह कर लिया था, और कुछ समय बाद उसके पिता ने भी पुनर्विवाह कर लिया। सौतेले रिश्तों में दूरी के चलते किशोरी ने कम उम्र में प्रेम विवाह कर लिया, जो अब उसके लिए बड़ी परेशानी बन गया है।
अस्पताल में सघन निगरानी
चिकित्सकों के अनुसार, किशोरी की गर्भावस्था का समय पूरा हो चुका है और कभी भी प्रसव हो सकता है। फिलहाल उसे अस्पताल में सघन निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों की टीम मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी कोशिश कर रही है।