उत्तराखंड देहरादूनDehradun Elevated Road Project to Ease Traffic Congestion

Uttarakhand: देहरादून को जाम से राहत देगी नई एलिवेटेड रोड, 6200 करोड़ का हाईटेक प्रोजेक्ट; जानिए खास बातें

देहरादून में 6200 करोड़ की रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना से ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। 26 किमी लंबा कॉरिडोर शहर की कनेक्टिविटी को तेज करेगा।

Dehradun Elevated Road: Dehradun Elevated Road Project to Ease Traffic Congestion
Image: Dehradun Elevated Road Project to Ease Traffic Congestion (Source: Social Media)

देहरादून: देहरादून में तेजी से बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या को देखते हुए रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को भविष्य की सबसे अहम योजना माना जा रहा है। करीब 6200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह 26 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है।

Dehradun Elevated Road Project to Ease Traffic Congestion

यह एलिवेटेड रोड रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर विकसित किया जाएगा। इसके तैयार होने के बाद हरिद्वार बाईपास, कारगी से मसूरी रोड (मालसी) तक का सफर काफी तेज और सुगम हो जाएगा। इससे शहर के भीतर वाहनों का दबाव भी कम होगा और यात्रा का समय घटेगा। देहरादून में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए सरकार इस परियोजना पर तेजी से काम कर रही है। इस वर्ष बजट में 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे डीपीआर, सर्वे और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

परियोजना की संरचना और खासियत

परियोजना को दो हिस्सों—बिंदाल और रिस्पना कॉरिडोर—में विकसित किया जाएगा। बिंदाल नदी के ऊपर 14.8 किमी लंबा और रिस्पना नदी के ऊपर 10.946 किमी लंबा एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। दोनों कॉरिडोर की डिजाइन स्पीड 60 किमी प्रति घंटा होगी, जिससे ट्रैफिक सुचारु रूप से चल सकेगा।

भविष्य के ट्रैफिक के अनुसार डिजाइन

इस एलिवेटेड रोड को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह मौजूदा ट्रैफिक से लगभग चार गुना अधिक दबाव को भी झेल सके। वर्तमान में जहां 9 से 11 हजार पीसीयू का दबाव है, वहीं इसे 38 हजार से 48 हजार पीसीयू तक के लिए तैयार किया जा रहा है। यह व्यवस्था वर्ष 2051 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई है।
एलिवेटेड रोड को नदी के बीचों-बीच सिंगल पिलर पर खड़ा किया जाएगा। इसके ढांचे को पिछले 100 वर्षों के अधिकतम जल स्राव से 20 प्रतिशत अधिक क्षमता पर डिजाइन किया गया है, ताकि बाढ़ जैसी परिस्थितियों में भी यह सुरक्षित बना रहे।

शहर के इन इलाकों को मिलेगी राहत

इस परियोजना के पूरा होने के बाद देहरादून के प्रमुख इलाकों जैसे घंटाघर, सहारनपुर रोड, बल्लूपुर, राजपुर रोड, आईएसबीटी, प्रिंस चौक और जाखन में ट्रैफिक दबाव काफी कम होने की उम्मीद है। खासकर मसूरी, हरिद्वार और दिल्ली जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

एलिवेटेड रोड बनने से शहर में व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी। माल ढुलाई आसान होगी और बाहरी राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों को सुगम मार्ग मिलेगा। इसके साथ ही मसूरी और चारधाम यात्रा पर जाने वाले पर्यटकों के लिए सफर अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।

आपात सेवाओं के लिए वरदान

इस परियोजना से एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसी आपात सेवाओं को तेज और वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय कम होगा और लोगों की जान बचाने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि देहरादून के भविष्य के यातायात ढांचे को मजबूत करने वाली पहल है। आने वाले वर्षों में बढ़ते वाहनों के दबाव के बीच यह एलिवेटेड कॉरिडोर शहर के लिए स्थायी समाधान साबित हो सकता है।