बागेश्वर: उत्तराखंड में इन दिनों हैरान कर देने वाला मामला सामने आ रहा है, जहां लोगों को गैस सिलिंडर मिले बिना ही डिलीवरी का मैसेज भेजा जा रहा है। इस अजीब गड़बड़ी से उपभोक्ता परेशान हैं और गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस गड़बड़ी ने लोगों को परेशान और नाराज कर दिया है, क्योंकि इससे वे दोबारा गैस बुक भी नहीं कर पा रहे हैं।
Consumers Receive Delivery Messages Without Getting Cylinders
जानकारी के अनुसार बीते बुधवार को सरस मार्केट स्थित Indane गैस एजेंसी में कई लोग अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। उपभोक्ताओं ने बताया कि जब उन्होंने नया सिलिंडर बुक करने की कोशिश की, तो सिस्टम में पहले से ही डिलीवरी दिखा दी गई। इससे उन्हें बुकिंग करने में दिक्कत आ रही है और गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
रिटायर्ड सैनिक सहित कई लोग प्रभावित
इस समस्या से कई लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें करायल चतुर सिंह निवासी रिटायर्ड सैनिक आरएस मेहरा भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने बुधवार सुबह सिलिंडर बुक करने की कोशिश की, तो उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि 26 मार्च को उनका सिलिंडर पहले ही डिलीवर हो चुका है। जबकि उनकी गैस पासबुक में ऐसी कोई एंट्री दर्ज नहीं थी। इसी तरह श्याम विहार निवासी महेश चंद्र और एक अन्य महिला उपभोक्ता ने भी यही शिकायत दोहराई कि उन्हें बिना सिलिंडर मिले ही डिलीवरी का मैसेज प्राप्त हो गया। आगे पढ़िए
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बढ़ रही है लोगों में नाराजगी
गैस एजेंसियों में रोजाना इस तरह की शिकायतों की संख्या बढ़ती जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब उन्हें सिलिंडर मिला ही नहीं, तो डिलीवरी का मैसेज कैसे आ सकता है। इससे एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। कुछ मामलों में तो उपभोक्ताओं के खातों में गैस सब्सिडी भी ट्रांसफर हो चुकी है, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है।
होम डिलीवरी सेवा पर भी सवाल
केवल डिलीवरी मैसेज ही नहीं, बल्कि होम डिलीवरी सेवा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस की गाड़ी उनके इलाके में आती तो है, लेकिन उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पाता। जीतपुर नेगी निवासी गंगोत्री चंद ने बताया कि तीन बार गाड़ी आने के बावजूद उन्हें सिलिंडर नहीं दिया गया। वहीं बिठौरिया निवासी त्रिवेणी शर्मा ने कहा कि उन्होंने 31 मार्च को बुकिंग की थी, लेकिन अभी तक उन्हें डीएसी नंबर भी प्राप्त नहीं हुआ है।
इस पूरे मामले पर विजयनाथ शुक्ल, महाप्रबंधक कुमाऊं मंडल विकास निगम ने कहा कि उन्हें अभी तक इस तरह की कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ऐसी समस्या सामने आती है, तो इसकी जांच अवश्य कराई जाएगी।