नैनीताल: राज्य निर्माण के समय आम जनमानस को उम्मीद थी कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क स्वास्थ्य शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचेंगी, लेकिन राज्य गठन के 25 साल बाद भी कई गांवों में विकास की किरण नहीं पहुंच पाई है। नैनीताल जिले के दूरस्थ विकासखंड ओखलकांडा के अंतर्गत ग्रामपंचायत गलनी भी प्राथमिक सुविधाओं से महरूम है।
2.5 km road file circulating in departments for the last 3 years
सड़क सुविधा के नाम पर राज्य योजना के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग अस्थाई खण्ड भवाली द्वारा खनस्यूं-पतलोट मुख्य मोटर मार्ग से ग्राम पंचायत गलनी-जामनी में ढाई किलोमीटर मोटर मार्ग निर्माण के लिए वर्ष 2023 में आगणन तैयार किया गया। मुख्य अभियंता हल्द्वानी नैनीताल द्वारा प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए सचिव लोनिवि शासन को भेजा गया। इस पर किसी भी प्रकार की ठोस कार्यवाही नहीं हुई। दोबारा लोनिवि अस्थाई खंड भवाली द्वारा ऑनलाइन ई-डीपीआर संख्या 2748 आगणन तैयार किया गया। प्रथम चरण की स्वीकृति के लिए शासन को दोबारा भी भेजा गया, शासन स्तर से आज तक स्वीकृति नहीं दी गई।
वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री बेअसर
विधायक सांसद से लेकर सरकार में वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री तक सड़क सुविधा उपलब्ध कराने की गुहार लगा चुके ग्रामीणों ने, मुख्य अभियंता हल्द्वानी के माध्यम से भी सचिव लोनिवि शासन को पत्र भेजते हुए सड़क सुविधा नहीं होने से संबंधित हो रही समस्याओं से अवगत कराया... सड़क स्वीकृत करने की मांग की, लेकिन विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंगी।
मंत्रियों की भी अनसुनी
लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज ने एक बार नहीं, कई बार सचिव लोनिवि को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। क्षेत्रीय विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा ने अपने पत्र को सचिव लोनिवि शासन को भेजा, बावजूद सड़क वर्ष 2023 से फाइलो में धूल खा रही है। आगे पढ़िए
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CM हेल्पलाइन-PM पोर्टल पर भी गुहार
ग्रामीणों ने उत्तराखंड सीएम हेल्पलाइन 1905 और सीपीग्राम्स के माध्यम से भी सड़क स्वीकृत की गुहार लगाई तो मामला एक नहीं, दर्जनों बार लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे के पास पहुंचा, लेकिन मामला हर बार ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। ग्रामीणों ने शासन स्तर से सड़क स्वीकृत करने की गुहार जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के अपर निजी सचिव देहरादून को ज्ञापन भी भेजे जा चुके हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार जाग नहीं रहे।
दर-दर की ठोकरें खा रही फाइल
मामले में ग्रामीणों ने तीसरी बार सड़क स्वीकृत करने की गुहार लगाते हुए ज्ञापन मुख्यमंत्री आवास कैंप देहरादून प्रस्तुत किया है। पत्र को मुख्यमंत्री के अपर सचिव जगदीश चंद्र कांडपाल ने अग्रिम कार्रवाई के लिए सचिव लोक निर्माण विभाग को भेज दिया है। भले ही विधायक, मंत्री, सांसद से लेकर अधिकारी आए दिन प्रदेश के विकास के बड़े-बड़े दावे करते रहते हैं, लेकिन सड़क कनेक्टिविटी जैसी प्राथमिक सुविधा पाने को ग्रामीण दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।