चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले के चोपता क्षेत्र में स्थित मंडल के काफल कैंप और कॉटेज में रविवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में कैंप का लाखों रुपये का सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। हालांकि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन घटना के समय तेज बारिश और बिजली कड़क रही थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि आग प्राकृतिक कारणों से भड़की हो सकती है।
Massive Fire Breaks Out at Kaafal Camp in Chopta
जानकारी के अनुसार रविवार को मौसम में अचानक बदलाव हुआ और तेज बारिश के साथ बिजली कड़कने लगी। इसी दौरान चोपता के बेस कैंप मंडल में स्थित काफल कैंप से आग की लपटें उठती दिखाई दीं। घटना के समय कैंप में कोई मौजूद नहीं था, लेकिन देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और तेजी से पूरे परिसर में फैल गई।आगे पढ़िए..
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स्थानीय लोगों और फायर टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय नागरिकों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। साथ ही फायर स्टेशन गोपेश्वर को सूचना दी गई। दोपहर करीब तीन बजे सूचना मिलते ही फायर यूनिट घटनास्थल के लिए रवाना हुई और मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। आग की तीव्रता को देखते हुए फायर सर्विस के दो वाहनों को लगाया गया। कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। इस दौरान पास स्थित टेंट कॉलोनी को भी खतरा था, लेकिन स्थानीय लोगों की सूझबूझ से उसे बचा लिया गया।
तीन साल के लिए किराये पर लिया गया था कैंप
जानकारी के अनुसार, ऋषिकेश निवासी राजीव गुप्ता ने इस कैंप और कॉटेज को तीन साल के लिए किराये पर लिया था। यह कैंप ‘काफल’ नाम से संचालित हो रहा था और पर्यटकों के बीच लोकप्रिय था। इस बचाव अभियान में फायर विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे, जिनमें डीवीआर नरेश सिंह, एफएम अनूप सिंह, यशवंत सिंह, पवन सिंह, अंकित सिंह और डब्ल्यूएफएम रश्मि शामिल थे।
चोपता के काफल कैंप में लगी यह भीषण आग एक बड़ा हादसा साबित हुई, जिसमें लाखों का नुकसान हुआ। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय कैंप खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।