उत्तरकाशी: उत्तराखंड के पवित्र तीर्थ स्थल Gangotri Dham में इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा बदलाव किया गया है। गंगोत्री मंदिर समिति ने मुख्य मंदिर के दर्शन के समय को संशोधित करते हुए नई समयसारिणी लागू की है। इस निर्णय का उद्देश्य तीर्थ यात्रियों को अधिक सुविधा प्रदान करना और उनकी धार्मिक यात्रा को और बेहतर बनाना है। अब श्रद्धालु पहले की तुलना में अधिक समय तक मां गंगा के दर्शन कर सकेंगे।
Change in the darshan timings of Gangotri Temple
नई व्यवस्था के अनुसार अब मंदिर के कपाट सुबह 6 बजे खुलेंगे और लगातार शाम 4 बजे तक दर्शन के लिए खुले रहेंगे। पहले दोपहर के समय मंदिर कुछ घंटों के लिए बंद कर दिया जाता था, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा होती थी। लेकिन अब इस बदलाव के बाद बिना किसी रुकावट के श्रद्धालु लंबे समय तक दर्शन कर पाएंगे, जिससे भीड़ का दबाव भी कम होगा और यात्रा अधिक सहज बनेगी।
सायंकालीन गंगा आरती का विशेष महत्व
शाम 4 बजे मंदिर के कपाट बंद होने के बाद सायंकालीन गंगा आरती के लिए पुनः खोले जाएंगे। यह आरती लगभग शाम 7:45 बजे आयोजित की जाएगी, जो गंगोत्री धाम की प्रमुख धार्मिक गतिविधियों में से एक है। आरती के दौरान श्रद्धालु मां गंगा की भक्ति में डूबकर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। आरती के बाद रात 10 बजे तक मंदिर दर्शन के लिए खुला रहेगा, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को अतिरिक्त समय मिल सकेगा।आगे पढ़िए..
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वार्षिक बैठक में लिया गया सर्वसम्मति से निर्णय
यह महत्वपूर्ण फैसला गंगोत्री धाम में आयोजित मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहितों की वार्षिक बैठक में लिया गया। बैठक में मंदिर की आय-व्यय, व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि दर्शन समय को बढ़ाकर यात्रियों को अधिक सुविधा दी जाए और धाम में उनका ठहराव बढ़ाया जाए।
पुराने नियमों से क्या बदला?
पिछले वर्ष तक मंदिर में दोपहर 2 बजे तक ही दर्शन की अनुमति थी, जिसके बाद कपाट कुछ समय के लिए बंद कर दिए जाते थे और फिर सीमित समय के लिए खोले जाते थे। इस प्रक्रिया से कई श्रद्धालु दर्शन से वंचित रह जाते थे। नई व्यवस्था में इस समस्या को खत्म कर दिया गया है और दर्शन का समय बढ़ाकर शाम 4 बजे तक कर दिया गया है। मंदिर समिति के अनुसार इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को गंगोत्री धाम में अधिक समय बिताने का अवसर देना है। अब यात्री घाटों पर पूजा-अर्चना कर सकेंगे, अन्य मंदिरों के दर्शन कर पाएंगे और शाम को होने वाली गंगा आरती में भी शामिल हो सकेंगे। इससे उनकी धार्मिक यात्रा अधिक संतोषजनक और यादगार बनेगी।
मोबाइल और लाइव दर्शन पर सख्त प्रतिबंध
नई व्यवस्था के तहत मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के उपयोग पर सख्ती की गई है। तीर्थ पुरोहितों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को मंदिर के भीतर मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, किसी भी प्रकार के लाइव दर्शन या प्रसारण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।