देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए सभी विद्यालयों में हर शनिवार को विशेष कक्षाएं आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन कक्षाओं में छात्रों को राज्य के गौरवशाली इतिहास और राजाओं की वीर गाथाओं से परिचित कराया जाएगा।
Uttarakhand Schools to Teach History of Glorious Kings Every Saturday
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के निर्देश पर शुरू इस पहल का उद्देश्य छात्रों को अपनी जड़ों से जोड़ना, सांस्कृतिक विरासत के ज्ञान के साथ ही नैतिक मूल्यों और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।
किन राजाओं की गाथा पढ़ेंगे छात्र?
छात्रों को कई महान शासकों के बारे में पढ़ाया जाएगा, जैसे:
वसुदेव कत्यूरी
कनकपाल (गढ़वाल राजवंश के संस्थापक)
अजयपाल (52 गढ़ों का एकीकरण)
प्रद्युम्न शाह (गोरखाओं से संघर्ष)
सोमचंद (चंद वंश की स्थापना)
ज्ञानचंद (प्रशासनिक सुधार)
गढ़वाल-कुमाऊं का गौरवशाली इतिहास
गढ़वाल और कुमाऊं दोनों क्षेत्रों के राजाओं ने अपने समय में मजबूत शासन और सांस्कृतिक पहचान स्थापित की। यह पहल छात्रों को उनके योगदान और वीरता से प्रेरित करेगी। सरकार की यह पहल न सिर्फ शिक्षा में सुधार लाएगी, बल्कि नई पीढ़ी को अपने इतिहास और संस्कृति से जोड़कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी मदद करेगी।
नई शिक्षा नीति 2020 से जुड़ा कदम
यह निर्णय National Education Policy 2020 के अनुरूप है, जिसमें शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित न रखकर छात्रों के व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक जागरूकता पर जोर दिया गया है।