देहरादून: देहरादून के कुठालगेट स्थित जेन-जी बार, जो रिटायर्ड ब्रिगेडियर Mukesh Joshi की हत्या के बाद चर्चा में आया, अब अपनी अवैध गतिविधियों को लेकर भी सुर्खियों में है। मामले की जांच में धीरे-धीरे बार के संचालन से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जिन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को और भी संदिग्ध बना दिया है।
Dehradun News: Illegal Late-Night Bar Operations Exposed After Shooting Case
एक न्यूज पोर्टल की रिपोर्ट में बताया गया है कि जब राजपुर रोड के अन्य बार और पब रात में बंद हो जाते थे, तब जेन-जी बार में गतिविधियां शुरू होती थीं। देर रात करीब 3 बजे के बाद यहां चोरी-छिपे शराब परोसी जाती थी और सीमित लोगों के लिए पार्टी आयोजित की जाती थी। बार के ग्राहक भी तय होते थे, जिन्हें इस गुप्त समय की जानकारी होती थी। इससे साफ है कि यह संचालन पूरी तरह नियमों के खिलाफ था।आगे पढ़िए..
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Dehradun News: पहले भी हो चुकी थी पुलिस कार्रवाई
जेन-जी बार पहले भी कई बार पुलिस की कार्रवाई के घेरे में आ चुका था। इसके बावजूद बार संचालक ने नियमों की अनदेखी जारी रखी। लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं होने से बार संचालक का मनोबल बढ़ता गया, जिसका परिणाम अंततः एक बड़े हादसे के रूप में सामने आया। बताया जा रहा है कि बार का संचालक मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला है, उसने Jakhan क्षेत्र में किराए पर एक फ्लैट लिया हुआ था। इसी फ्लैट में बार का स्टाफ भी रहता था। स्टाफ रातभर बार का संचालन करता था और दिन में आराम करता था। घटना वाले दिन भी संचालक और स्टाफ इसी फ्लैट की ओर जा रहे थे।आगे पढ़िए..
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Dehradun News: मारपीट के बाद लिया गया बदला
सूत्रों के अनुसार घटना वाले दिन कुछ युवक-युवतियां पार्टी करने के लिए जेन-जी बार पहुंचे थे। वहां किसी बात को लेकर उनका बार स्टाफ के साथ विवाद हो गया, जो जल्द ही मारपीट में बदल गया। युवकों को जब बार से बाहर निकाला गया तो उन्होंने इसे अपनी बेइज्जती समझा और बदला लेने की ठान ली। इसके बाद वे हथियार लेकर वापस लौटे और बार स्टाफ का पीछा करने लगे, जिससे मामला गोलीबारी तक पहुंच गया। जांच में सामने आया है कि घटना में शामिल अधिकांश आरोपी बाहरी राज्यों के छात्र हैं, जो देहरादून में पढ़ाई के नाम पर रह रहे थे। इनमें से कई छात्र पढ़ाई में असफल होने के बाद ओपन से डिग्री कर रहे थे, जबकि वास्तविकता में उनका अधिक समय मौज-मस्ती में बीत रहा था। उनके परिजनों को यह जानकारी नहीं थी कि वे किस गतिविधियों में शामिल हैं।